देवरिया। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के तत्वावधान में सोमवार को डॉ. राजेंद्र प्रसाद के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में दीवानी न्यायालय के सभागार में गोष्ठी आयोजित की गई। अध्यक्षता कर रहे जनपद न्यायाधीश देवेंद्र सिंह ने कहा कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद अद्वितीय प्रतिभा के धनी व्यक्तित्व थे । हम सभी को उनके जीवन से सीख लेकर उनके विचारों को आत्मसात करना चाहिए, तभी सफल अधिवक्ता और न्यायिक अधिकारी बन सकते हैं।
परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश बद्री विशाल पांडेय ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में अधिवक्ताओं का सबसे ज्यादा योगदान रहा है। अपर जिला जज संजय सिंह ने कहा कि राजेंद्र बाबू संविधान सभा के अध्यक्ष होने के साथ-साथ अपनी मर्जी से सर्वोच्च पद छोड़ने वाले प्रथम व्यक्ति हैं। भाजपा नेता शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि अधिवक्ता समाज का दर्पण होता है।
इसके पूर्व डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सुशील कुमार मिश्रा ने वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद सागर धर द्विवेदी, राम प्रसाद मिश्रा, लल्लन मिश्रा, बलराम श्रीवास्तव, शंभूनाथ सिंह, मदन मोहन लाल श्रीवास्तव, महावीर सिंह, नर्वदेश्वर सिंह, सुभाष चंद्र राव, श्रीराम तिवारी, विद्यासागर मिश्र को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। समारोह को अध्यक्ष सुशील कुमार मिश्रा, मंत्री अरुण कुमार उपाध्याय, प्रबोध श्रीवास्तव, लोकनाथ पांडेय, रामजी चौहान, शिवकुमार मणि आदि अधिवक्ताओं में संबोधित किया।