संवाद न्यूज एजेंसी
हरैया। अधिवक्ता हत्याकांड में नए-नए पहलू सामने आ रहे हैं। हत्यारोपियों और अधिवक्ता के बीच छिड़ी रार में कई ऐसे पहलू हैं, जिसे हत्या की पृष्ठभूमि के रूप में देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि पत्नी को छोड़ने की एवज में हर महीने हर्जाना दिए जाने का आदेश हुआ था। मगर रंजीत वह रुपये अदा नहीं कर रहा था।
करीब छह माह पूर्व इसी रकम की वसूली के लिए तहसील से आरसी भेजी गई। इसी प्रकरण में आरोपी रंजीत जेल भी गया था।
दो माह पूर्व मामले में वसूली नहीं होने पर उच्च न्यायालय ने राजस्व अधिकारियों को तलब किए जाने का आदेश दिया, तो तहसील प्रशासन ने रंजीत के हिस्से की जमीन कुर्क करते हुए लाल झंडी गाड़ दी थी। इससे रंजीत और उसके परिवार के लोग काफी अपमानित महसूस कर रहे थे।