प्रशासन ने छात्रसंघ चुनाव किया स्थगित, छात्र नेताओं ने दिया धरना
पुलिस बल की कमी बताकर रोका चुनाव, डीएम आवास के बाहर रातभर डटे रहे छात्र
डीएम बोलीं, जल्द घोषित की जाएगी दूसरी तिथि
बस्ती। पुलिस बल की कमी का हवाला देते हुए प्रशासन ने बृहस्पतिवार देर रात शिवहर्ष किसान स्नाकोत्तर महाविद्यालय और एपीएन पीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव स्थगित कर दिया। इससे आक्रोशित छात्र रात में करीब एक बजे से जिलाधिकारी आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। कॉलेज प्रबंधन और प्रशासन उन्हें मनाने में रातभर जुटा रहा।
उन्हें मनाने का सिलसिला रातभर चला। इसके बावजूद छात्र नेता नहीं मानें। शुक्रवार सुबह उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस लाइंस ले जाया गया। दिनभर छात्र नेता पुलिस हिरासत में रहे। शाम को उन्हें छोड़ दिया गया। उधर, डीएम का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव की दूसरी तिथि जल्द ही घोषित की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि शिवहर्ष किसान स्नाकोत्तर महाविद्यालय और एपीएन पीजी कॉलेज में 20 नवंबर को छात्रसंघ चुनाव होना प्रस्तावित था। इसके लिए बृहस्पतिवार को प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र भी खरीद लिया था। शुक्रवार को वे नामांकन पत्र दाखिल करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन देर रात करीब 11.30 बजे डीएम प्रियंका निरंजन ने चुनाव स्थगित कर दिया। डीएम ने जारी बयान में बताया कि वीआईपी मूवमेंट के चलते पुलिस बल बाहर भेजा गया है। जिले में पर्याप्त सुरक्षा बल मौजूद नहीं है।
डीएम ने बताया कि अग्रिम आदेशों तक छात्रसंघ चुनाव स्थगित कर दिया गया है। जल्द ही चुनाव की दूसरी तिथि की घोषणा की जाएगी।
दिनभर तैनाती रही पुलिस: चुनाव स्थगित होने के बाद एपीएन और केडीसी परिसर में दिनभर सन्नाटा छाया रहा है। दोनों कॉलेजों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इसके अलावा शहर के कंपनीबाग, फव्वारा चौराहा, शास्त्री चौक, अमहट, रोडवेज आदि जगहों पर बड़ी संख्या में दिनभर पुलिस तैनात रही।
छात्रों की आवाज दबाना चाहता है प्रशासन
प्रशासन की ओर से एपीएन और शिवहर्ष किसान पीजी कॉलेज का छात्रसंघ चुनाव स्थगित करने पर छात्र संगठनों में रोष व्याप्त है। कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश सचिव व एनएसयूआई के चुनाव प्रभारी नोमान अहमद को रौता चौराहा के पास उनके शिविर कार्यालय पर नजरबंद कर दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रशासन छात्रों की आवाज को दबाना चाहता है। ये लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान दो की खराब हुई तबियत
छात्रसंघ चुनाव स्थगित होने के बाद धरने पर बैठे छात्रनेताओं में दो की तबियत खराब हो गई। आनन फानन में पुलिस ने उन्हें जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। कोतवाल शशांक शेखर राय ने बताया कि छात्रनेता मो. हारिश और अपूर्व भट्ट की प्रदर्शन के दौरान तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। दोनों अब स्वस्थ हैं।
दोपहर बाद छोड़े गए छात्र नेता
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आलोक पांडेय के नेतृत्व में छात्र नेताओं ने डीएम प्रियंका निरंजन से मिलकर चुनाव कराने की मांग की। डीएम ने छात्रनेताओं को जनवरी में चुनाव कराने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद हिरासत में लिए गए 30 छात्र नेताओं को पुलिस लाइंस से 3.45 बजे छोड़ा गया। मौके पर सूरज चतुर्वेदी, सलमान, रजनीश यादव, त्रिपुरेश प्रताप पाठक, अमन प्रताप सिंह, शगुन, शिवानंद पांडेय आदि मौजूद रहे।