सियाराम हत्याकांड:
एडीजी ने लिया संज्ञान, मौके पर पहुंचे आईजी
सियाराम की मां ने पुलिस पर लगाया सुलह के लिए दबाव डालने का आरोप
आईजी ने परिवार वालों को इंसाफ दिलाने का दिया आश्वासन
खेत में खनन रोकने गए सियाराम का शव झाड़ी में मिला था
कलवारी थाने के महुआपार खुर्द गांव की घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
गायघाट। कलवारी थाने के महुआपार खुर्द में बालू खदान पर गए 55 वर्षीय सियाराम की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। नामजद मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस के लचर रवैये को लेकर एडीजी अखिल कुमार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। उनके निर्देश पर बृहस्पतिवार को दोपहर पुलिस महानिरीक्षक अनिल कुमार राय, एसपी आशीष श्रीवास्तव के साथ महुआपार खुर्द गांव पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही आईजी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। सियाराम की मां ने आईजी से शिकायत किया कि खनन माफियाओं के प्रभाव में आकर पुलिस सुलह करने का दबाव बना रही है। आईजी ने उसे हर संभव मदद करने एवं अपराधियों को सख्त सजा दिलवाने का भरोसा दिया।
शनिवार को कलवारी थानाक्षेत्र के महुआपार खुर्द बालू खदान के पास झाड़ियों में किसान सियाराम का शव मिला था। बुधवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आंतरिक चोट आने से मौत की पुष्टि हुई थी। इस मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचकर बारीकी से जांच-पड़ताल की और पीड़ित परिवार के लोगों के अलावा गांव के अन्य लोगों से भी पूछताछ की। इस दौरान घटनास्थल पर बाढ़ का पानी भर जाने के कारण पुलिस महानिरीक्षक अनिल कुमार राय टीम के साथ घटनास्थल पर नहीं पहुंच सके। वे महुआपर खुर्द लिंक मार्ग पर खड़े होकर थानाध्यक्ष कलवारी से घटना की जानकारी ली। इसके बाद किसान सियाराम के परिवार वालों से पूछताछ कर घटना की जानकारी ली। इस दौरान क्षेत्राधिकारी कलवारी आलोक कुमार, आईजी के पीआरओ डीके मिश्र, थानाध्यक्ष कलवारी अरविंद कुमार शाही के अलावा काफी संख्या में पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
क्या है मामला
बता दें कि कलवारी थानाक्षेत्र के महुआपार खुर्द के पास झाड़ी में 17 जुलाई को सियाराम की लाश बरामद हुई थी। महुआपार खुर्द निवासी मृतक के भाई अमरनाथ राजभर ने तहरीर में आरोप लगाया है कि उसकी जमीन में कुछ लोग जबरन बालू का खनन करा रहे थे। उसके भाई सियाराम ने विरोध किया तो साजिशन खनन कराने वालों ने उन्हें 16 जुलाई को जमीन का कागजात लेकर आने को कहा। इन लोगों के कुछ सहयोगियों के साथ 15 जुलाई को विवाद भी हुआ था। उन लोगों ने अपशब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। आरोप है कि 16 जुलाई को जमीन का कागजात लेकर सियाराम दोपहर करीब तीन बजे महुआपार खुर्द बालू खदान पर गए। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर खोजबीन करते हुए खदान वाले स्थान पर पहुंचे तो लोगों ने बताया कि वह एक घंटे पहले ही चले गये। अमरनाथ के अनुसार इसके बाद से उसकी खोजबीन में लगे रहे। शनिवार 17 जुलाई को गांव के चरवाहों से जानकारी हुई कि बालू खदान से करीब 20 मीटर दूरी पर झाड़ी में सियाराम का शव पड़ा है। सूचना पाकर परिजन पहुंचे और थोड़ी देर में पुलिस भी पहुंच गई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने दिया था। कलवारी पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 व 201 के तहत रामललित व मुकेश चौधरी के खिलाफ केस दर्ज किया।