थाना समाधान दिवस में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सुनीं समस्याएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले के विभिन्न थानों पर थाना समाधान दिवस की एक और औपचारिकता पूरी हो गई। डीएम प्रियंका निरंजन व एसपी आशीष श्रीवास्तव लालगंज थाने पर फरियादियों की समस्याएं सुनने पहुंचे। इनकी मौजूदगी के बावजूद कई लेखपाल मौजूद नहीं रहे। नतीजतन फरियादियों को आश्वासन के साथ लौटना पड़ा। इन लेखपालों के खिलाफ डीएम ने नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।
डीएम ने थाने पर पहुंचे ग्राम ठुकठुईया, निपनिया, पचिसा, देवमी के फरियादियों के शिकायती प्रार्थना पत्र पर सुनवाई शुरू की। थाना समाधान दिवस में उक्त गांवों के लेखपाल उपस्थित नहीं थे। फरियादियों को तारीख दे दी गई। थानेदार को डीएम ने इस मामले में लेखपालों तक सूचना भेजने का निर्देश दिया। थाना समाधान दिवस में कुल आए 15 मामलों में से मात्र तीन का निस्तारण हो सका। शेष में तारीख दे दी गई।
पुरानी बस्ती थाने पर एक भी मामले का निस्तारण नहीं हुआ, जबकि कोतवाली के आठ मामलों में से मात्र दो निस्तारित हुए और छह फरियादियों को लौटना पड़ा। कलवारी प्रतिनिधि के अनुसार थाना दिवस में आए 11 मामलों में से दस को तारीख मिली। यहां ग्राम भेड़िया निवासी नंदलाल ने बताया कि उनकी जमीन धोबहट व माझा खुर्द गांव में है, जिस पर दो लोगों ने कब्जा कर लिया है। वह थाना समाधान से लेकर तहसील समाधान दिवस में अब तक पांच बार प्रार्थना पत्र दे चुके हैं, मगर समाधान के नाम पर केवल आश्वासन दिया गया है।
सोनहा प्रतिनिधि के अनुसार एसडीएम अतुल आनंद ने यहां फरियादियों की समस्याएं सुनीं, मगर निस्तारण दो मामले ही हो सके, जबकि पांच मामलों में तारीख दी गई। रुधौली में एसडीएम आनंद श्रीनेत ने समस्याएं सुनीं, यहां एक भी मामला नहीं निपट सका। फरियादियों को आश्वासन दिया गया। दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश गौतम ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं। दो सामान्य मामलों को निपटाकर 11 मामलों में आश्वासन दिया गया।