मुंडेरवा। भावना, क्रिया और परिणाम की एक शृंखला है। कार्य का परिणाम प्रायः भावना पर आधारित रहता है। शुद्ध भावना से की गई क्रिया शुभ परिणाम लाती है। ये बातें रामपुर रेवटी गांव में श्रीराम कथा के दौरान बाल व्यास साध्वी प्रज्ञा शुक्ला ने मंगलवार को कहीं।
उन्होंने कहा कि आपका नकारात्मक विचार आपका सबसे बड़ा दुश्मन है। स्वयं के साथ मित्रता करने वाला व्यक्ति दूसरों के साथ गलत व्यवहार नहीं करता। आदमी जो कुछ भी कमाता है, उसमें बहुतों का भाग्य होता है। उसका अपना भाग्य तो उसमें उतना ही है, जितना वह खा, पहन लेता है। शेष तो जिन-जिन का है, उनके पास पहुंच जाता है। इस अवसर पर दिलीप दास गिरी, अजींत, मनीष, सुधीर, रामलोटन सिंह, सुधीर दूबे आदि उपस्थित रहे।