बस्ती। प्रशासन ने निजी तौर पर संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों के संचालन के लिए तय मानकों की जांच की योजना बना ली है। सेंटरों पर अब तक बिना ड्रेस तमाम रेडियोलॉजिस्ट काम करते थे, मगर अब ऐसा संभव नहीं हो सकेगा। डीएम अंद्रा वामसी ने प्रशासन के 50 लोगों की टीम बना कर प्रत्येक केंद्र पर एक ही समय पर छापेमारी कर जांच करने का निर्देश दिया है। छापेमारी में यदि पीसीपीएनडीटी के मानकों का पालन करते नहीं पाया गया तो सेंटर पर ताला लटक जाएगा।
डीएम ने जिले में संचालित करीब 99 अल्ट्रासाउंड सेंटरों की व्यवस्था को चाक-चौबंद करने का निर्देश दिया है। इन सेंटरों पर पीसीपीएनडीटी के मानकों का शत-प्रतिशत पालन हो रहा है या नहीं, इसका परीक्षण प्रशासन की टीम करेगी। इसके लिए डीएम की ओर से तिथि निर्धारित कर तीन से पांच बजे के बीच सभी सेंटरों पर एक साथ जांच की जाएगी।
यह है मानक
- रेडियोलॉजिस्ट को ड्रेस में होना चाहिए।
- सेंटर संचालित करने वाले डॉक्टर का होना आवश्यक है।
- सेंटर पर लाइसेंस प्रमाणपत्र का प्रदर्शन होना आवश्यक है।
- भ्रूण जांच संबंधी चेतावनी बोर्ड प्रदर्शित होना चाहिए।
- मशीन का नंबर व नाम भी सूची से मिलान किया जाएगा।
- जांच के समय तक किए गए अल्ट्रासाउंड के मरीज व किस चिकित्सक ने जांच लिखा है का पूरा विवरण।
बोले नोडल अधिकारी
पीसीपीएनडीटी की बैठक में तय किया गया कि मानकों की जांच होगी। अभी तिथि निर्धारित नहीं की गई है। प्रशासन की टीम के साथ स्वास्थ्य विभाग का केवल एक अधिकारी होगा। मानक विहीन सेंटर किसी भी दशा में संचालित नहीं हो पाएंगे।
-डॉ. एके मिश्रा, नोडल अधिकारी