दुकान में जांच करती नगरपालिका की टीम।
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बस्ती। शासन के पॉलिथीन बंदी के फैसले को शत-प्रतिशत लागू कराने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत लगा दी है। पालिका प्रशासन इस पर सख्त हो गया है। इसे लेकर ताबड़तोड़ जांच का सिलसिला तीसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। छह सदस्यीय दल ने शहर के विभिन्न बाजारों व दुकानों पर पॉलिथीन की जांच की। हालांकि, कुछेक ठेलों आदि पर छिटपुट बरामदगी हुई, मगर बाजार से पॉलिथीन गायब हो गई है।
शासन ने 50 माइक्रॉन से नीचे के सभी पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगा दिया है। 15 जुलाई से इस पर अमल भी शुरू हो गया है। पहले दिन व्यापारियों से प्रशासन ने पर्यावरण के लिए घातक पॉलिथीन के उत्पादन, बिक्री व वितरण पर रोक में सहयोग मांगा। इसका पालन थोक पॉलिथीन व्यापारियों ने तो किया ही बड़ी दुकानों पर भी इसका पालन मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद ही शुरू हो गया था। हालांकि सर्फ, कुरकुरे व बड़ी कंपनियों के पॉलिथीन पैकों पर शासन की रोक नहीं लगने सवाल भी उठ रहे हैं। अधिकारी यह साफ करते हैं कि चरणबद्ध ढंग से दो अक्टूबर तक सभी पॉलिथीन पर रोक लग जाएगी।
मंगलवार को अधिशासी अधिकारी के निर्देश पर कर निर्धारण अधिकारी के नेतृत्व में सफाई इंस्पेक्टर सोम कुमार सहित छह सदस्यीय दल ने गांधी नगर, दक्षिण दरवाजा, पुरानी बस्ती सहित विभिन्न इलाकों में जांच की, मगर छिटपुट बरामदगी के अलावा कुछ नहीं मिला। ईओ डॉ. मणिभूषण त्रिपाठी ने कहा कि पॉलिथीन पर प्रथम चरण में 50 माइक्रॉन के बाद दूसरे चरण में थर्माकोल के सामान पर प्रतिबंध लगाया जाएगा, जबकि तीसरे व अंतिम चरण में दो अक्टूबर तक सभी प्रकार के पॉलिथीन पूरी तरह बंद करा दिए जाएंगे। शासन के निर्देश का शत-प्रतिशत पालन होगा।