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फर्जी शिक्षक : वेतन वसूली, एफआईआर की कार्रवाई शुरू

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फर्जी शिक्षक : वेतन वसूली, एफआईआर की कार्रवाई शुरू
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बस्ती। परिषदीय विद्यालयों में दूसरे के नाम पर फर्जी तरीके से नौकरी करने वाले बर्खास्त शिक्षकों पर अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार के आदेश के बाद कार्रवाई शुरू हो गई है। वर्ष 2019 व 2020 में बर्खास्त किए गए इन शिक्षकों पर तकनीकी कारणों से विभागीय कार्रवाई नहीं हो सकी थी। अब इनसे वेतन की रिकवरी होगी और इन पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
अपर मुख्य सचिव के आदेश के बाद जिले में फर्जी नियुक्तियों की जांच करने के लिए तीन सदस्यीय जिला स्तरीय कमेटी बनी है, जिसमें डीएम की अध्यक्षता में एएसपी और मंडलीय शिक्षा निदेशक को सदस्य और बीएसए को सचिव बनाया गया है। कमेटी ने बनकटी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गुलरिहा सेमरा में सतीश प्रसाद, गौर ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक कटया विद्यालय में सहायक अध्यापक विपिन कुमार, कुदरहा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय कबरा खास की प्रधानाध्यापिका प्रियंका चौधरी के सभी अभिलेखों का जांच कराई थी। अभिलेख फर्जी मिले थे। असली प्रियंका चौधरी सिद्धार्थनगर में नौकरी कर रही थी। उसी के प्रमाणपत्र कुदरहा ब्लॉक प्राथमिक विद्यालय कबरा खास प्रधानाध्यापिका प्रियंका चौधरी के नाम पर नौकरी हासिल कर ली थी।
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जबकि सतीश प्रसाद और विपिन कुमार ने पैन कार्ड बदल कर नौकरी हासिल कर ली थी। जांच में इनके फर्जीवाड़े के तथ्य पाए गए थे। वहीं कुदरहा ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बानपुर सहायक अध्यापक राणा प्रताप सिंह, सल्टौआ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय सरदहा के सहायक अध्यापक ध्रुव नारायण और हर्रैया ब्लॉक के बड़रकला की प्रधानाध्यापिका मालती पांडेय ने गलत ढंग और फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्ति हासिल की थी।
जांच में पाया गया कि असली मालती पांडेय की मृत्यु हो चुकी थी और उन्ही के प्रमाण पत्र पर वर्तमान में प्रधानाध्यापिका बन चुकी मालती पांडेय ने नौकरी हासिल कर ली थी। जांच मेेें पुष्टि होने पर इनकी भी सेवा समाप्त कर दी गई है। कमेटी ने संबंधित ब्लॉक के बीईओ को प्राथमिक दर्ज कराने का आदेश दिया गया है। फर्जी शिक्षक बनकर इन लोगों ने जितने दिन का वेतन लिया है, उसकी वसूली के लिए लेखाधिकारी को नियमानुसार कार्रवाई करने को निर्देश दिया गया है।
इसी प्रकार 2019 में प्राथमिक विद्यालय सेखुईया अजीत सिंह, प्राथमिक विद्यालय मकदूमपुर में दीपा सिंह और प्राथमिक विद्यालय तेनुआ में अमित कुमार ने गलत ढंग और फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नियुक्ति हासिल की थी। प्रमाणपत्रों की जांच कराई गयी तो बर्खास्त कर दिया गया, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण अब तक इन पर और कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। कमेटी इन सभी के अभिलेखों की जांच फिर से कर रही है।
बीएसए ने बताया कि लॉकडाउन के कारण फर्जी शिक्षकों की जांच रुक गई थी। जांच के दौरान फर्जी शिक्षकों का मामला सामने आया। सभी के अभिलेखों का जांच कराई गई। कई अभिलेख फर्जी मिले। छह शिक्षकों को बर्खास्त करके वेतन रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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पैन कार्ड बदलकर नौकरी कर रहे थे 101 शिक्षक, स्पष्टीकरण
जिले में बीएसए के लेखाधिकारी ने 101 शिक्षकों के पैन कार्ड बदलने की सूचना बीएसए को दी थी। इनमें 10 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने पैन कार्ड ही दूसरा लगा दिया, जबकि 91 शिक्षकों में आंशिक परिवर्तन किया है। 10 शिक्षकों में से छह ने अपना स्पष्टीकरण विभाग में प्रस्तुत कर दिया, जिनकी जांच कराई जा रही है। चार शिक्षकों को तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। अन्यथा इन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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