किशोरी से दुष्कर्म में आरोपी को दस साल की सजा
बस्ती। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने शुक्रवार को किशोरी को अगवाकर दुष्कर्म के आरोपी को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। तीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर तीन वर्ष के अतिरक्ति कारावास की सजा भुगतनी होगी।
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो कमलेश कुमार चौधरी ने अदालत के समक्ष घटना का विवरण रखा। बताया कि कोतवाली थानाक्षेत्र के एक गांव के पीड़िता के पिता ने पुलिस को सूचना दी कि उसकी 14 वर्षीय बेटी को 27 जून-2016 की रात में थानाक्षेत्र के सद्दाम हुसैन द्वारा बहला फुसलाकर अगवा कर लिया गया। बेटी अपने साथ घर में रखा जेवर व नकदी भी ले गई। छह दिन बाद फुटहिया पर सद्दाम ने पीड़िता को छोड़ दिया। पुलिस को पीड़िता ने आपबीती बताई। बताया कि सद्दाम उसे बस्ती से लखनऊ होते हुए पूना ले गया। जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के बयान के आधार पर विवेचक ने बहला-फुसलाकर अगवा, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट में सद्दाम हुसैन के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत में आरोप तय होने के बाद अभियोजन के तरफ से वादी व पीड़िता सहित दस गवाहों के बयान हुए। बचाव पक्ष से झुठा फंसाने की बात कही। गवाहों के बयानों और सबूतों के आधार पर न्यायाधीश ने सद्दाम पर लगे आरोपों में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।