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Basti News: समाधान दिवस में पहुंचीं दर्जनभर महिलाएं, लेखपाल पर लागाया परेशान करने का आरोप

Sun, 21 Jan 2024 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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रूधौली तहसील में समाधान दिवस पर समस्या सुनते डीएम और एसपी। संवाद
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- कहा, अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित भूमि पर है मकान लेखपाल कह रहे कब्जा हटाओ
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- तहसीलदार के नेतृत्व में जांच टीम गठित, रविवार तक रिपोर्ट देंगे राजस्वकर्मी
संवाद न्यूज एजेंसी
भानपुर। सफीपुर उर्फ नौवागांव की करीब दर्जनभर महिलाएं शनिवार को तहसील सभागार में आयोजित समाधान दिवस में पहुंचीं। उन्होंने लेखपाल पर परेशान करने का आरोप लगाया। गांव की ही भानमती, कैलाशा, प्रमिला, प्रेमा, छोहारा, कमलेश आदि ने एडीएम को प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उनके मकान अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित जमीन में बने हुए हैं, लेकिन लेखपाल उसे कब्जा बता रहे हैं। वे आए दिन कब्जा हटाने या पट्टा कराने का दबाव बनाते हैं। एडीएम कमलेश चंद्र ने एसडीएम शत्रुघ्न पाठक को निर्देश दिया कि तत्काल मामले की जांच कराएं। यदि लेखपाल दोषी है कि तो उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें। एसडीएम ने बताया कि तहसीलदार पंकज गुप्ता के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक व लेखपालों की टीम गांव में जांच के लिए भेजी गई है। रविवार तक जांच रिपोर्ट आ जाएगी। इसके आधार पर जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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निरीक्षण करने पहुंचे डीएम ने सुनीं समस्याएं
रुधौली। तहसील में आयोजित समाधान दिवस का औचक निरीक्षण करने पहुंचे डीएम अंद्रा वामसी व एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। डीएम ने कहा कि 22 जनवरी को सभी नागरिक प्राण प्रतिष्ठा उत्सव मनाएं। मौके पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शाहिद अहमद, तहसीलदार रवि यादव, प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद्र, नायब तहसीलदार नीरज सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
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कोर्ट की फाइल छुपाने वालों पर दर्ज होगा केस, जाएंगे जेल : डीएम
रुधौली। तहसील सभागार में डीएम ने कहा कि कई सालों से लंबित करीब 48 हजार मामलों में से 45 हजार का निस्तारण हो चुका है। 3500 मामलों में सुनवाई के लिए हर तीसरे दिन तारीख लगाई जा रही है। कहा कि ज्यादातर मामले जिम्मेदारों की ओर से फाइल प्रस्तुत न करने के कारण लंबित रहते हैं। यदि किसी वाद की फाइल नहीं मिलती है तो संबंधित जिम्मेदार पर मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा जाएगा। डीएम ने कहा कि एसओसी चकबंदी न्यायालय, मुख्य राजस्व अधिकारी न्यायालय, अपर जिलाधिकारी न्यायालय, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट न्यायालय, एसडीएम न्यायालय में नियमित सुनवाई चल रही है।
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