लॉकडाउन में फल-फूल रहा अवैध शराब का धंधा
बस्ती। लॉकडाउन-2.0 शुरू होते ही शराब के शौकीनों के सब्र का पैमाना छलकने लगा। देसी, बिलायती सभी ब्रांड की मांग इतनी बढ़ गई कि फायदा उठाने वालों की चांदी हो गई। शहर से लेकर गांव तक अवैध शराब का धंधा चल रहा है, जिसे रोकना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। हालांकि पुलिस, आबकारी और प्रशासन की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन इस धंधे से जुडे़ व्यक्तियों की फितरत के आगे इनकी एक नहीं चल रही है।
21 दिन के पहले लॉकडाउन के दौरान शराब, गांजा-भांग आदि नशा करने वालों को डोज न के बराबर मिली। लाइसेंसी दुकानों और गोदामों में माल पड़ा रह गया जो धीरे-धीरे बिक्री कर दिया गया। इसकी भनक जब तक लोगों को लगी तब तक ज्यादातर माल खप चुका था। अब जबकि तीन मई तक लॉकडाउन की अवधि बढ़ने के बाद शराब के शौकीनों का सब्र टूटने लगा। हाल के कुछ दिनों से चोरी-छिपे दो-तीन गुनी कीमत पर शराब बेची जा रही है। दरअसल लॉकडाउन पीरियड में अवैध शराब पकड़ी जा चुकी है, लेकिन कोई बड़ी सफलता हासिल नहीं हो पाया।
लगातार चल रहा अभियान
डीएम आशुतोष निरंजन का कहना है कि अपर मुख्य सचिव गृह के निर्देश पर जिले में अवैध शराब बनाने व बेचने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के लिए संबंधित एसडीएम व क्षेत्राधिकारी और आबकारी अधिकारियों का टीम का गठन किया गया है। जो अवैध शराब बनाने,बेचने व अवैध संचालित भट्टियों पर प्रभावी कार्यवाही में जुटी हैं।