मालगाड़ी की चपेट में आकर पूरे परिवार को गंवा चुकी आरती
बस्ती। आरती ने अपनी नजर के सामने पूरा परिवार खो दिया। घटना से वह सदमे में है। वह बार-बार बेटे को पानी पिलाने की बात कर रही थी। बोल रही थी कि कोई मेरे बाबू को पानी पिला दो। काफी घुमा-फिराकर पूछने पर मृतकों को अपना पति, पिता और बेटा बता रही है। बोल रही है कि बाबू हमार बजारे जाए के निकलल रहे। उसकी बातों से स्पष्ट नहीं हो रहा था कि वह लोग कहां से आकर कहां जाने के लिए निकले थे। पुलिस, रेलवे कर्मचारी और आसपास गांव के तमाम लोगों के बीच यही सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।
कैथोलिया गांव के सामने 584/14 संख्या पोल के पास जहां ट्रैक पार करते समय मालगाड़ी की चपेट में आकर झारखंड के रांची जिले के पल्हिया कला निवासी मुन्नी लाल, सुनील और पांच वर्षीय पिंटू की मौत हुई है, वहां आम तौर पर रेलवे ट्रैक पार करने कोई नहीं जाता है। स्थानीय लोग बताते हैं कि वहां से करीब 50 मीटर दूर पहले लोग रेलवे ट्रैक पार किया करते थे, लेकिन अब आरएफसी का गोदाम बन जाने की वजह से बैरिकेडिंग हो गई। इसलिए उधर से कोई अनजान या काफी वर्ष पहले उधर से गुजरा व्यक्ति ही जा सकता है।
ऐसे में माना जा रहा है कि वह लोग किसी ईंट भट्ठे पर काम करते थे। किसी वजह से रात में ही पूरा कुनबा कहीं अन्यत्र जाने के लिए निकल पड़ा। रात के अंधेरे में ट्रैक पार करते समय समझ नहीं पाए कि ट्रेन ने चपेट में ले लिया।
बता दें कि रविवार की रात गौर से बस्ती की तरफ डाउन मालगाड़ी जा रही थी। कैथोलिया गांव के सामने 584/14 संख्या पोल के पास ट्रैक पार करते समय ट्रेन की ठोकर लगने से मौके पर पांच वर्षीय मासूम समते तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि इन्हीं के साथ जा रही एक महिला सुरक्षित बच गई है। मालगाड़ी के चालक ने स्थानीय स्टेशन को हादसे की जानकारी दी। शव के पास से झोले में कपड़े और अन्य सामान मिले है। प्रभारी निरीक्षक गौर उपेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि महिला को सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा है। तब तक इससे बातचीत करने की कोशिश की जा रही है।