बस्ती पुलिस की फेसबुक आईडी से कहा गया हैं कि दरोगा की एक मोबाइल बरामद कर ली गई है। इसमें बाइक को अयोध्या सरयू पुल से बस्ती तक पहुंचाने वाले संदिग्ध व्यक्ति के पहचान करने के साथ उसे जल्द हिरासत में लेने का दावा भी किया गया है। पुलिस की तरफ से अभी इसमें किसी चोर या बाइक चोरी होने का जिक्र नहीं किया गया है।
परशुरामपुर थाने में तैनात दरोगा अजय गौड़ के रहस्यमय ढंग से मौत के मामले में पुलिस हफ्ते भर बाद भी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। बस्ती से अयोध्या तक पांच टीमों की गहन छानबीन के बाद भी रहस्य से पर्दा नहीं उठ सका। इस मामले में एक दिन पहले बस्ती पुलिस को सोशल मीडिया पर सफाई भी पेश करनी पड़ी है।
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पुलिस दरोगा के एक मोबाइल बरामद होने की बात स्वीकार की है लेकिन, इससे जुड़े राज अभी उगलने को तैयार नहीं है। इसके अलावा दरोगा की बाइक को बस्ती एसपी आवास के पास अमहट घाट तक पहुंचाने वाले संदिग्ध व्यक्ति की पहचान का भी दावा किया गया है।
पुलिस पूरे मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए डायटम टेस्ट का इंतजार कर रही है। पुलिस अभी साबित करने की स्थिति में नहीं पहुंची है कि दरोगा ने खुदकुशी की थी या उनकी हत्या हुई है। पोस्टमार्टम के बाद भी इन दोनों बिंदुओं पर स्पष्ट रिपोर्ट नहीं आई है।
इसीलिए महकमे के अफसरों की टकटकी अब डॉयटम और विसरा जांच की रिपोर्ट पर लगी हुई है। सूत्रों के अनुसार अगले सप्ताह इसकी रिपोर्ट आने की पूरी संभावना है। यदि ब्रेन और हड्डी के टुकड़े के सूक्ष्म वैज्ञानिक जांच में डायटम नहीं मिला तो पुलिस की परेशानी फिर बढ़ जाएगी।
इधर दरोगा की मौत का मामला सोशल मीडिया पर भी तूल पकड़ लिया है। दरोगा के खुदकुशी का इशारा मिलते ही लोग पुलिस की जांच पर सवाल उठाने लगे हैं। एक दिन पहले पुलिस को सोशल मीडिया पर आकर सफाई पेश करनी पड़ी है। फेसबुक पर दरोगा की बाइक अयोध्या से चोरी करके बस्ती अमहट घाट तक लाए जाने वाली बात पर लोग पुलिस को घेरते नजर आ रहे हैं।
इस कहानी पर कमेंट के जरिये लोग यह आश्चर्य जता रहे हैं कि दरोगा के खुदकुशी के तत्काल बाद बाइक चोर भी मौके पर कैसे पहुंच गया। पूरे मामले में किरकिरी से बचने के लिए पुलिस को अपने सोशल मीडिया हैंडिल से जांच रिपोर्ट का कुछ अंश साझा करते हुए सफाई पेश करनी पड़ी।
बस्ती पुलिस की फेसबुक आईडी से कहा गया हैं कि दरोगा की एक मोबाइल बरामद कर ली गई है। इसमें बाइक को अयोध्या सरयू पुल से बस्ती तक पहुंचाने वाले संदिग्ध व्यक्ति के पहचान करने के साथ उसे जल्द हिरासत में लेने का दावा भी किया गया है।
पुलिस की तरफ से अभी इसमें किसी चोर या बाइक चोरी होने का जिक्र नहीं किया गया है। पुलिस सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच एवं सुसंगत साक्ष्य संकलन का भरोसा दे रही है। इन सवालाें का जवाब ढूंढ रही पुलिस : पुलिस की तरफ से अभी खुदकुशी या हत्या कुछ भी स्पष्ट नहीं है।
लेकिन, जांच के दौरान महकमे के अफसर यह कहते सुने जा रहे हैं कि प्रथम दृष्टया मामला खुदकुशी का ही प्रतीत हो रहा है। पुलिस को अभी तक हत्या के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। अब अहम सवाल है कि दरोगा अजय थानाध्यक्ष के चार्ज पर रहते हुए सर्विस रिवाल्वर, थाने की गाड़ी और हमराही को लिए बिना बाइक से अकेले क्यों निकले।
उनके निकलने से पहले उनकी मोबाइल पर किसका फोन आया। रास्ते में उनकी किससे बात हुई। वह अचानक खुदकुशी के लिए कैसे उकसे और बस्ती सीमा से बाहर अयोध्या जनपद सीमा में सरयू पुल तक अकेले बाइक चलाते हुए क्यों गए।
सवाल यह भी है कि दरोगा जब अपने बाइक से अलग हुए तो उनकी बाइक बस्ती एसपी आवास के निकट कुआनो नदी के किनारे किस शख्स ने लाकर खड़ी की।
दरोगा के बाइक के आगे- पीछे चलने वाले वाहनों के बारे में भी अभी ठीक से छानबीन नहीं हो पाई है।
पुलिस इन अहम सवालों का उत्तर अभी देने से कतरा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी प्रमुख बिंदुओं पर सटीक विश्लेषण और साक्ष्य संकलित होने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है।