फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: जिले में सारस गणना के लिए चलेगा दो दिवसीय अभियान

विज्ञापन
विज्ञापन
बस्ती। सरकार राज्य पक्षी सारस की गणना कराएगी। इसके लिए दो दिवसीय अभियान 14 से शुरू किया जा रहा है। इस दौरान वन अधिकारी लोगों को सारस की खासियत, महत्व आदि की जानकारी भी देंगे। सारस उत्तर प्रदेश का राजकीय पक्षी है। प्रेम का प्रतीक माने जाने वाले सारस का उल्लेख रामायण काल में भी मिलता है। इससे सारस पक्षी और भी विशेष हो जाता है।
विज्ञापन

वन अधिकारियों ने बताया कि आमतौर पर सारस भारत के अलावा दक्षिण पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया में भी पाया जाता है। भारत में इसकी आबादी सबसे ज्यादा है। सारस उत्तर प्रदेश के अलावा कई राज्यों में आमतौर पर (वेटलैंड्स) दलदली भूमि में पाए जाते हैं। इनका घोसला छिछले पानी के पास झाड़ियों और घास में पाया जाता है। सारस आमतौर पर दो से पांच के समूह में रहते हैं। यह सर्वाहारी होने के साथ ही दो सौ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरते हैं।
सारस रामायण काल में महर्षि वाल्मीकि की कथा में भी वर्णित है। डीएफओ डॉ. शिरीन का कहना है कि गणना के माध्यम से राज्य पक्षी सारस को संरक्षित करने का है। चंदो ताल, मढ़नी ताल, वन विहार के अलावा रामनगर समेत अन्य वन क्षेत्रों में इनकी संख्या है। गणना कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। 14 और 15 दिसंबर को गणना तय है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें