बस्ती। जिले के 2071 परिषदीय विद्यालयों में 28 अक्तूबर को प्रार्थना सभा के दौरान ई-कचरे के सुरक्षित निस्तारण पर प्रश्नोत्तरी आयोजित की जाएगी। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे से होने वाले नुकसान और उसके वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण के बारे में जानकारी दी जाएगी।
अभियान के तहत बच्चों को ‘ई-वेस्ट वॉरियर’ के रूप में तैयार किया जाएगा, ताकि वे अपने परिवार और ग्रामीणों को भी कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक कर सकें। विद्यालयों में विद्यार्थियों को गीले, सूखे और सैनिटरी कचरे को अलग-अलग रखने के तरीके बताए जा रहे हैं। गीले कचरे के लिए हरे, सूखे कचरे के लिए नीले और सैनिटरी कचरे के लिए लाल कूड़ेदान के इस्तेमाल की जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा पेंट के डिब्बे, एक्सपायर दवाएं, खराब बल्ब और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे विशेष अपशिष्ट को सामान्य कचरे से अलग एकत्र करने और उनका सुरक्षित निस्तारण करने के बारे में भी बताया जा रहा है।
कंपोजिट विद्यालय मूड़घाट के प्रधानाध्यापक सर्वेष्ट मिश्र, कंपोजिट विद्यालय परसा जागिर के प्रधानाध्यापक डॉ. शिव प्रसाद और प्राथमिक विद्यालय बटेला की शिक्षिका श्रुति त्रिपाठी के अनुसार, विद्यार्थियों को कचरे के विभिन्न प्रकार और उनके उचित प्रबंधन के तरीके समझाए जा रहे हैं। अभियान में कचरे का कम इस्तेमाल करने, वस्तुओं का दोबारा उपयोग करने और उन्हें पुनर्चक्रित करने यानी रिड्यूस, रियूज और रिसाइकिल के सिद्धांतों पर भी जोर दिया जा रहा है।
जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) स्वप्निल श्रीवास्तव ने बताया कि विद्यालयों में कचरा प्रबंधन को लेकर विभिन्न गतिविधियां कराई जा रही हैं। 28 अक्तूबर को होने वाली प्रश्नोत्तरी का उद्देश्य विद्यार्थियों को ई-कचरे के सुरक्षित निस्तारण के प्रति जागरूक करना है। साथ ही उन्हें अपने परिवार और गांव में स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन का संदेश पहुंचाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
कोट
पढ़ाई के साथ बच्चों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। उन्हें कचरे के उचित प्रबंधन और उसके पुनः उपयोग के तरीकों की जानकारी दी जा रही है।
-अनूप कुमार, बीएसए, बस्ती