बस्ती। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत राज्य सरकार ने जेल में लगातार अच्छा आचरण रखने वाले एक कैदी की स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रिहाई होगी। मुंडेरवा थाना क्षेत्र के छपिया मंझरिया गांव के राजेश्वर पुत्र रामबली को गैर इरादतन हत्या के मामले में पांच वर्ष की सजा हुई थी। 63 वर्षीय कैदी ने अपनी पांच में से पौने तीन साल की सजा पूरी कर ली है, और शेष सजा भुगत रहा था।
वर्तमान में वह केजीएमयू मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ में घुटने का ऑपरेशन करा रहा है। जेलर अपूर्व व्रत पाठक ने बताया कि शासन से रिहाई की मंजूरी मिल चुकी है। परिवार के लोगों को सूचित किया गया है। जिलाधिकारी न्यायालय में जमानत बांड भरने के बाद रिहाई की जाएगी। कैदी के रूप में राजेश्वर चार दिसंबर 2020 को बस्ती जेल आया था।
इन कैदियों का भेजा गया था रिहाई प्रस्ताव
समय पूर्व रिहाई के लिए जेल प्रशासन की ओर से रजनी कहार पुत्री जगराम, विष्णु उर्फ विशुन पुत्र चौथी चौहान, महाबीर पुत्र हरिश्चंद्र, रामकेवल उर्फ बिंदू पुत्र रामलौट, राजेश्वर पुत्र रामबली और अशोक पुत्र रामप्रसाद के नाम शासन भेजे गए थे। इनमें फिलहाल राजेश्वर की रिहाई का शासन से मंजूरी मिली है। उम्मीद है कि जल्द बाकी के बारे में भी शासन से निर्णय ले लिया जाएगा।