बस्ती। जिला महिला अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार सीएमएस और स्टाफ नर्स आमने-सामने हैं। स्टाफ नर्स ने सीनियर्स से ड्यूटी बदलवा ली थी। इसपर सीएमएस ने नर्स से स्पष्टीकरण तलब कर लिया। इसके बाद वह शिकायत लेकर डीएम के पास पहुंच गई। इसके पहले ही सीएमएस अपनी रिपोर्ट डीएम को दे चुके थे।
जिला महिला अस्पताल में तैनात एक स्टाफ नर्स ने डीएम को दी शिकायत में बताया है कि सीएमएस और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उनके खिलाफ षड्यंत्र रचकर झूठी शिकायत कर उत्पीड़न कर रहे हैं। ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में लगातार उनसे स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। स्टाफ नर्स ने पत्र में कहा है कि पिछले नौ माह से जानबूझ कर परेशान करने के लिए ड्यूटी बदलते जा रहे हैं। 12 साल से एसएनसीयू में बतौर संविदा स्टाफ नर्स सेवा दे रही हैं। इसी के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया था, मगर वहां से हटाकर पहले केएमसी वार्ड में ड्यूटी लगाई गई।
इसमें भी आठ बजे से चार बजे तक ड्यूटी रोस्टर जारी किया गया, जबकि अन्य स्टाफ नर्सों के लिए आठ बजे से दो बजे तक ड्यूटी रोस्टर रहा। इसी बीच एसएनसीयू वार्ड में फिर ड्यूटी लगाई गई। ड्यूटी बदलवाने के लिए संबंधित सीनियर से बातचीत की थीं, बावजूद इसके सीएमएस की ओर से स्पष्टीकरण मांगा गया।
शिकायत में कहा है कि ड्यूटी के दौरान की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज निकालकर देखा जाए तो रोस्टर के अनुसार नियमानुसार ड्यूटी कर रही हैं। वहीं, बताया गया कि इससे पूर्व भी इसी स्टाफ नर्स से विवाद हुआ था। इसी को लेकर एक डॉक्टर और सीएमएस में भी जूता कांड तक की नौबत आ गई थी।