कोलकाता की फर्म पर गबन का केस दर्ज
बस्ती। बैंक गारंटियों के अवैध मिलने के आरोप में कोतवाली थाने की पुलिस ने कोलकाता की एक फर्म पर गबन के आरोप में केस दर्ज किया है। बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता ने मुकदमा दर्ज कराया है।
री-स्ट्रक्चर्ड एक्सलरेटेड पावर डेवलपमेंट एंड रिफार्म प्रोग्राम (आरएपीडीआरपी) के तहत दूसरे चरण में शहर में बिजली संसाधनों को बेहतर किया जाना था। संसाधनों को मुहैया कराने के लिए कोलकाता की फर्म बीकोलारी लिमिटेड और विद्युत निगम बीच 25.92 करोड़ रुपये का अनुबंध हुआ था। फर्म की ओर से मुहैया कराई गई बैंक गारंटियों (प्रत्याभूतियों) के अवैध मिलने पर अधीक्षण अभियंता ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
अधीक्षण अभियंता एसके आर्या ने बताया कि आरएपीडीआरपी के तहत शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाए जाने की योजना है। इसके तहत सामान आपूर्ति के लिए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम वाराणसी ने बीकोलारी फर्म से अनुबंध कर 6,18,67,532 रुपये का भुगतान कर दिया। जांच में बीकोलारी की बैंक गारंटी अवैध पाई गई।
ऐसे में डिस्कॉम ने फर्म को काली सूची में डालते हुए अनुबंध निरस्त कर दिया। डिस्कॉम प्रबंध निदेशक के निर्देश पर कोतवाली में फर्म पर गबन का मुकदमा दर्ज कराया गया है। कोतवाल शशांक शेखर ने बताया कि अधीक्षण अभियंता की तहरीर पर बीकोलारी लिमिटेड के खिलाफ गबन के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है।