बस्ती। जिले का पहला ई. विलेज विकास खंड बहादुरपुर के सुदुर ग्राम बेईली बन गया है। इस गांव की जानकारी शीघ्र ही कंप्यूटर के जरिए घर बैठे प्राप्त की जा सकती है। सर्वे के बाद इस गांव का डाटा एनआईसी में फीड कर दिया गया है। बस, सॉफ्टवेयर आने की देरी है। 2508 आबादी वाले इस गांव के लोगों को गांव में ही जाति, निवास और आय प्रमाणपत्र सहित अन्य सुविधाएं कुछ ही दिनों में मिलने लगेगी। पहली बार इस योजना में डिजिटल परिवार रजिस्टर की नकल उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही वृद्धावस्था, विकलांग व विधवा पेंशन सहित राशन कार्ड के लिए भी लोग आवेदन कर सकेंगे। गांव में ही प्रमाणपत्र मिल सके, इसके लिए कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी की स्थापना कर दी गई है। इसके अतिरिक्त अन्य किसी भी लोकवाणी या सहज केंद्र से प्रमाणपत्र प्राप्त किए जा सकते हैं। डीएम अनिल कुमार दमेले ने बताया कि इस गांव के लोगों को कुछ ही दिनों में सारी सुविधाएं मिलने लगेंगी। गांव के डाटा को कंप्यूटर में फीड करा दिया गया, साफ्ट आने की देरी है।
शासन ने हाल ही ई. विलेज योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंदों को एक ही स्थान पर गांव में ही 28 विभागों से संबंधित सूचना उपलब्ध कराने और उन्हें प्रमाणपत्र देने की घोषणा की थी। डीएम ने बताया कि सरकार की महत्वाकांक्षी ई. विलेज योजना को हर गांव में लागू करने की है। प्रदेश में पहली बार इस योजना को कौशांबी जनपद में लागू किया गया। वहां की सफलता तो देखते हुए सरकार ने इस योजना को अन्य जिलों में भी लागू करने का निर्णय लिया है। बताया कि इस योजना के पूरी तरह लागू हो जाने पर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आवश्यकता गांव में ही पूरी हो जाएगी। इसके लिए उन्हें तहसीलों तक नहीं जाना पड़ेगा। फिलहाल इस योजना में जनपद के किसी एक गांव को चयन करने को कहा गया था। बताया कि इस योजना में चयनित ग्राम की समस्त महत्वपूर्ण सूचनाओं को डिजिटाइज करा दिया गया है। सूचना एकत्रित करने के लिए घर-घर सर्वे कराया गया। इसके लिए एक सब-कमेटी का गठन किया गया था। उनमें सीडीओ, एडीएम और एसडीएम को शामिल किया गया। इसके अतिरिक्त डाटा सर्वे एवं डिजिटाइजेशन से संबंधित सभी कार्रवाई को पूरा करने की जिम्मेदारी ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर की दी गई। सर्वे के दौरान जो सूचनाएं उपलब्ध हुई उसका सत्यापन लेखपाल और पंचायत सेक्रेटरी से कराया गया। सूचनाओं को यूनीकोड डिजिटल फॉरमेट में फीड किया गया। एसडीएम, तहसीलदार और लेखपाल के डिजिटल हस्ताक्षर से प्रमाणपत्र जारी होगा।