बस्ती। जिले में दशहरा को शुरू हुआ दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन शनिवार तक चलता रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में कुल आठ सौ प्रतिमाओं के विसर्जन की सूचना मिली है। छिटपुट घटनाओं को छोड़ सभी स्थानों पर प्रतिमा विसर्जन शांतिपूर्वक हो गया।
जिले में कुल इस बार 1215 दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना की गई थी। बस्ती शहर की 250 प्रतिमाओं को छोड़ ग्रामीण क्षेत्र की तमाम दुर्गा प्रतिमाओं को विसर्जन दशहरा के दिन किया गया। कुछ स्थानों पर स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन पूर्णिमा को ही कार्यक्रम होगा। शुक्रवार की शाम डीजे की धुन पर वाहनों पर प्रतिमाएं लेकर श्रद्धालु नाचते गाते निकले। रास्ते में मां भगवती के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा। वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के अति संवेदनशील गनेशपुर क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। यहां एसओ रणधीर मिश्र, चौकी इंचार्ज गनेशपुर अजय शंकर यादव की अगुवाई में पीएसी के जवानों ने सुरक्षा व्यवस्था संभाल रखी थी। आसपास के क्षेत्रों की प्रतिमाएं मूड़घाट पहुंचीं। यहां कुआनो नदी में शुक्रवार देर रात तक प्रतिमाएं विसर्जित हुईं। एसआई अजय शंकर यादव के अनुसार रात साढ़े तीन बजे तक प्रतिमाओं का विसर्जन किया। विसर्जन स्थल पर रोशनी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
सोनहा प्रतिनिधि के अनुसार सोनहा क्षेत्र की दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन कुआनो नदी के शिवाघाट, महादेवा, बैड़ापुल, चौराघाट और सल्टौआ के कठिनइया घाट पर शुक्रवार को किया गया। शिवाघाट पर एसडीएम भानपुर राधेश्याम बहादुर सिंह, तहसीलदार जगबहादुर यादव, एसओ सोनहा आेंकार सहाय की मौजूदगी में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। विसर्जन शुक्रवार और शनिवार दोनो दिन हुआ।
जगह जगह रावण के पुतले जलाए
बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व विजयादशमी के दिन जगह जगह रावण का पुतला दहन कार्यक्रम हुआ। मूड़घाट, आवास विकास कालोनी सहित कई स्थानों पर रावण का विशालकाय पुतला बनाया गया था। उसे शुक्रवार की शाम जलाया गया।