बस्ती। बस्ती चीनी मिल चलाए जाने की मांग को लेकर गांधीकला भवन में सर्वदलीय बैठक हुई। इसमें विभिन्न राजनीतिक दलों, संगठनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, छात्र संगठनों, व्यापारी, अधिवक्ता और कर्मचारियों ने एस स्वर में कहा कि चीनी मिल को बंद करने का निर्णय जनविरोधी है। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। 51 सदस्यीय चीनी मिल बचाओ संघर्ष समिति का गठन हुआ। इसका अध्यक्ष गन्ना समिति के अध्यक्ष विष्णुप्रताप सिंह को बनाया गया। कोर कमेटी की बैठक 18 अगस्त को सहकारी गन्ना समिति पर बुलाई गई है।
संघर्ष समिति के केके तिवारी ने बताया कि मुंडेरवा की चीनी पहले ही खोया जा चुका है, अब बस्ती चीनी मिल को नहीं खोने दिया जाएगा। कहा कि संघर्ष समिति मिल प्रबंधन के मंसूबे को जन-जन तक पहुंचाएंगी। पर्चा और नुक्कड़ सभाओं के जरिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। बैठक में एक दर्जन से अधिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपने विचार व्यक्त किए। सांसद जगदंबिका पाल ने भी अपने विचारों को रखा। इस अवसर पर राजमणि पांडेय, राणा किंकर सिंह, दयाराम चौधरी, प्रेमसागर तिवारी, सुशील सिंह, सतीश सिंह, अज्जू हिंदुस्थानी, वीरेंद्र नाथ मिश्र, शोभाराम ठाकुर, केके श्रीवास्तव, दीवान चंद्र पटेल, यशकांत सिंह, पुष्कर मिश्र, महेश शुक्ल, डा. आरपी चौधरी सहित अन्य मौजूद रहे।