बभनान। कस्बे के पंजाब नेेशनल बैंक कठौतिया सांवडीह में तीसरे दिन मंगलवार को भी अफसरों की टीम बैंक का रिकार्ड खंगालती रही। पूरे दिन चली जांच में टीम ने मीडिया को कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। हालांकि यह बात साफ हो चुकी है कि जालसाजों ने बैंक कर्मियों की मिलीभगत से बीते शुक्रवार को आठ विड्राल पर ग्यारह लाख चालीस हजार रुपये निकाले हैं। अपने बचाव के लिए बैंक कर्मियों ने इसकी भरपाई प्रोस्टेट अकाउंट से कर दी है।
इसके पहले इस बैंक की जांच शनिवार और सोमवार को भी की जा चुकी है। मंगलवार को जांच टीम आने के पहले शाखा प्रबंधक राजेंद्र कुमार से बात की गई तो उन्होंने रुपये निकलने की बात स्वीकार तो की लेकिन, शामिल बैंक कर्मियाें का नाम बताने से मुकर गए। मुकदमा दर्ज कराने की बात पर उन्होंने बताया कि जांच टीम ही मुकदमा दर्ज करा सकती है। लगभग बारह बजे लखनऊ से आई जांच टीम बैंक पहुंची। टीम के साथ एक्सपर्ट भी शामिल थे। टीम ने सीसी कैमरे की फुटेज देखी और विड्राल पर बनाए गए हस्ताक्षरों को बारीकी से जांचा। दिन भर बैंक के रिकार्डों की गहराई से जांच की गई। जांच का खुलासा करने से टीम कतरा गई। सूत्रों का कहना है कि सहायक प्रबंधक और हेड कैशियर को काम करने से मना किया गया है। भुगतान काउंटर पर दूसरे कर्मचारी से भुगतान कराया जा रहा है।
इसके पहले भी बैंक में हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
पिछले वर्ष किसान इंटर कालेज कठौतिया सांवडीह की बालिका सरिता देवी पुत्री बासदेव का कन्या विद्याधन का दस हजार रुपये फर्जी तरीके से निकाल लिया गया था। पूर्व प्रबंधक ने काफी छानबीन के बाद उसे दस हजार रुपये वापस कराया। दो माह पूर्व आठ किसानाें के नाम पर पांच लाख चालीस हजार रुपये निकाले गए थे। उसे गौर पुलिस ने विवेचना में दबा दिया था। दो जुलाई सोमवार को जांच पड़ताल चल रही थी, इसी बीच एक व्यक्ति के दो हजार रुपये का दूसरे व्यक्ति को भुगतान कर दिया गया। यही नहीं, इसी दिन रामापुर के पूर्व प्रधान भी पैसा निकाले थे। उन्हें एक हजार का नकली नोट दे दिया गया था। मंगलवार को उसके बदले उन्हें दूसरा नोट दिया गया। इसके पहले भी कई घोटालाें के लाखों रुपए इस बैंक से भुगतान किए जा चुके हैं।
शाखा प्रबंधक पर घूस मांगने का आरोप
दुबौलिया। थाना क्षेत्र के भेलमाजोत निवासी रामनरायन पुत्र रामदेव ने दुबौलिया एसबीआई के शाखा प्रबंधक पर घूस मांगने व विड्राल फार्म फाड़कर फेंक देने का आरोप लगाया है।
पुलिस को दिए शिकायती पत्र में लिखा है कि रामनरायनपुर पुत्र रामदेव की दुबौलिया एसबीआई की शाखा में उसका और उसके पिता का संयुक्त खाता काफी दिनों से चल रहा था। 18 दिसंबर 2008 में ही उसके पिता की मौत हो गई थी। इसके बाद भी खाता बंद नहीं हुआ और खाते से लेन देन हो रहा था। लिखा है कि 28 जून को जब पासबुक भर गया तो नया पास बुक बनवाने व खाता एकल करवाने के लिए जब बैंक मैनेजर के पास गए तो उन्होंने काफी दौड़ाने के बाद पास बुक तो बना दिया। मगर खाते से गन्ने की पर्ची का पैसा नहीं निकाल रहे हैं। लिखा है कि बैंक मैनेजर ने पैसा निकलवाने के लिए घूस मांगी और न देने पर विड्राल फाड़कर फेंक दिया और बैंक से खदेड़ दिया। उन्होंने बैंक के उच्चाधिकारियों से भी शिकायत की है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामला संज्ञान में है। जांच कराई जा रही है। शाखा प्रबंधक शंकराचार्य मिश्रा ने बताया कि आरोप गलत है। ऐसी कोई बात नहीं है।