बस्ती। भीषण गर्मी और पावर लोड बढ़ने से गिदही पावर हाउस की मेन सप्लाई के तार से लेकर क्लैंप तक ढीले हो गए। सोमवार की रात अचानक थर्मोविजन कैमरे ने छह जर्जर क्लैंप को ढूंढ निकाला। इससे हरकत में आए बिजली विभाग के अभियंताओं को दिल्ली से चार घंटे का इमरजेंसी शट डाउन लेना पड़ा। यदि समय रहते यह पहल न हुई होती तो अगले दो दिन तक मंडल के तीन जिले में पावर की सप्लाई संभव नहीं थी।
गिदही पावर हाउस से मंडल के बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर जनपद में बिजली की सप्लाई होती है। एनटीपीसी टांडा के अलावा अन्य ग्रिड से सीधे बिजली सप्लाई के लिए दौड़ाए गए हाईटेंशन तार को जोड़ने वाले क्लैंप ढीले हो गए थे। ढीले क्लैंप से पावर की सप्लाई होने पर स्पार्किंग की आशंका होती है। सोमवार की रात गिदही पावर हाउस का थर्मोविजन कैमरा सक्रिय हुआ तो छह क्लैंप खराब पाए गए। जो क्लैंप खराब पाए गए, उन्हीं से बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में सप्लाई होती है। क्लैंप टाइट करने से लेकर बदलने में कम से कम चार घंटे का समय लगा। साथ ही जिले के मेन पावर हाउस गिदही में आने वाली सप्लाई को भी ठप करना पड़ा। हालांकि अधिशासी अभियंता पारेषण विनोद आहूजा ने बताया कि गोरखपुर और बस्ती मंडल के उच्चाधिकारियों सहित कारर्पोरेशन दिल्ली से इमरजेंसी रोस्टरिंग के लिए परमीशन लिया। परमीशन दोपहर 1.30 बजे मिला, इसके बाद कमजोर और ढीले मिले क्लैंप को दुरुस्त किया गया। इस अवधि में सभी वीआईपी जैसे जिला अस्पताल, कैली ओपेक, कलेक्ट्रेट, न्यायालय तक की सप्लाई रोकी गई थी। बताया कि सायं करीब 4.30 बजे क्लैंप ठीक करने में सफलता मिली, टेस्ंिटग के बाद सप्लाई बहाल कर दी गई।
अंधेरे में काम करता है थर्मोविजन कैमरा
थर्मोविजन कैमरा रात के अंधेरे में काम करता है। अंधेरा होने पर बिजली की लाइन जांचने में इसका सर्वाधिक इस्तेमाल किया जाता है। बिजली की लाइन में यदि कहीं तार और क्लैंप हीट हो रहा है तो वह कैमरे से बच नहीं सकता है।