वाल्टरगंज मिल पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू
भाकियू के अलावा स्थानीय नेताओं ने शुरू किया धरना
मांग पूरी होने तक आंदोलन से न हटने का दावा कर रहे आंदोलनकारी
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होते ही गरमाई गन्ना सियासत
अमर उजाला ब्यूरो
सल्टौआ। वाल्टरगंज (गोविंदनगर) शुगर मिल को गन्ना पेराई शुरू करने, बकाया गन्ना मूल्य भुगतान और मिल मजदूरों का पारिश्रमिक अदा करने की मांग को लेकर मंगलवार को फिर किसानों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। किसानों का कहना है कि कोरे आश्वासन से कुछ भला नहीं होने वाला है। अब निर्णायक आंदोलन छेड़ा गया है, बिना मांग पूरी किए धरना प्रदर्शन वापस नहीं लिया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राम मनोहर चौधरी, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि रामप्रकाश चौधरी के अलावा तमाम किसानों ने सत्याग्रह का बिगुल फूंक दिया। राम सिंह यादव, मिल श्रमिक अंगद वर्मा ने आरपार की लड़ाई लड़के की बात दोहराई। गोविंद नगर शुगर मिल चलाने को लेकर तीन अक्तूबर 2018 से धरना चल रहा है। मिल मजदूर आत्मदाह का प्रयास करने के अलावा लगभग 80 फीट ऊंची मिल की चिमनी पर चढ़कर कूदने तक का प्रयास कर चुके हैं। आवाज बुलंद करने के लिए नेशनल हाईवे पर जाम लगाया। इस मौके पर गनी राम चौधरी, मजदूर अंगद वर्मा, राकेश चौधरी, रामशरण मौर्य, राम शब्द चौधरी, शत्रुघ्न सिंह, वीरेंद्र चौधरी, विजय शंकर, वीरेंद्र चौधरी, अवधेश कुमार चौधरी, रामकेवल यादव, राजाराम यादव आदि मौजूद रहे।
खबर पढ़ते ही फूंक दिया बिगुल
अमर उजाला के मंगलवार के अंक में गन्ना किसानों से वादा खिलाफी संबंधी न मिल चली, न ही मिला बकाया शीर्षक से तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रकाशित हुई। जिसे पढ़कर जिले की गन्ना सियासत फिर से गरमा गई। लोकसभा चुनाव के दरम्यान किसान नेताओं के म्यान से तलवार निकाल लेने से प्रशासन ही नहीं मिल प्रबंधन भी सकते में है। लोकसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच एक तरफ सत्ताधारी दल इस मुद्दे को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश में जुटे हैं तो विपक्षी खेमा इसे हाथोंहाथ लेकर सियासी माहौल बनाने में जुटा है। इस पूरे माहौल के बीच प्रशासन का रुख क्या होता है ? यह देखना काफी दिलचस्प होगा।