पेंशन नीतियों में छेड़छाड़ की तो आंदोलन करेंगे
बस्ती।
सरकार श्रमिक, कर्मचारी व पेंशनर विरोधी नीति से बाज आए। इसमें छेड़छाड़ हुआ तो संगठन आंदोलन को विवश होगा। वेतन वृद्धि आधारित पेंशन निर्धारण का जो शासनादेश जारी हुआ है उससे विभागों में निर्धारण में कठिनाई आ रही है। उसे दूर करते हुए उसका पालन सुनिश्चित किया जाए। यह कहना है सेवा निवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरनाथ यादव का। यादव रविवार को प्रेस क्लब में एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित द्विवार्षिक अधिवेशन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व अधिवेशन का उद्घाटन मुख्य कोषाधिकारी गोपालजी खरे ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कहा कि सेवा निवृत्त कर्मी भी विभाग के महत्वपूर्ण सहयोगी हैं। इनकी समस्याओं का समाधान हर हाल में किया जाएगा।
विशिष्ट अतिथि एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीएल कुशवाहा एवं प्रांतीय महामंत्री बाबू लाल वर्मा ने कहा कि सरकार के सामने मांगे रखी गई हैं। इसमें अंशदायी पेंशन व्यवस्था को समाप्त कर पुरानी व्यवस्था लागू करने, पेंशनर के राशिकृत की मूल धनराशि की वापसी आठ वर्ष तीन माह में पूरी करने सहित कई मांगे हैं, मगर सरकार इन मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। ऐसे में पेंशनर एकजुट होकर अपने हित के लिए संघर्ष करें। अधिवेशन के अंत में एसोसिएशन की जिला इकाई का सर्वसम्मति से चुनाव हुआ। इसमें जलालुद्दीन कुरैशी अध्यक्ष, रणविजय सिंह वरिष्ठ उपाध्यक्ष, हरीराम पाल मंत्री, रामनाथ लेखा संप्रेक्षक निर्वाचित किए गए। इन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष बीएल कुशवाहा ने दिलाई। इस मौके पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष मस्तराम वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम अधार पाल, मंत्री तौलू प्रसाद, सुनील पांडेय, सूर्यभान सिंह, ध्रुव चंद्र मिश्र, शिवशंकर कुमार, विश्वनाथ उपाध्याय, एमडब्लू अंसारी, अवधेश यादव, अशोक मिश्र, रण विजय सिंह, रामानुज शुक्ल, परशुराम, प्रेम शंकर लाल सहित तमाम कर्मचारी मौजूद रहे।