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100 दिन की योगी सरकार, फर्क नहीं

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प्रदेश में योगी राज के 100 दिन पूरे हो गए लेकिन अभी तक वादों और घोषणाओं को हकीकत में तब्दील होते देखना बाकी है। किसानों के कर्जमाफी की घोषणा को पार्टी और कुछ लोग बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं। लेकिन जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, बाढ़, सड़क व अपराध की स्थिति कमोबेश पहले की तरह ही है।
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प्राथमिक शिक्षा का हाल जस का तस है। प्राइवेट स्कूलों में फीस पर मनमानी पर अंकुश पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे, कस्बों में 20 और शहरों में 22 घंटे की आपूर्ति दूर की कौड़ी बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में 8 से 10 तो कस्बों में 18 घंटे वह भी लोकल फाल्ट व इमरजेंसी कटौती के बीच हो रही विद्युत आपूर्ति है। अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी व दवाओं की अनुपलब्धता, बाहर से दवा लिखना जैसी समस्याओं पर अभी अंकुश नही लग पा रहा। प्रदेश सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि कर्ज माफी की घोषणा में अभी तक बैंकों की ओर से सूची ही नहीं दी जा सकी है। दूसरी घोषणा 15 जून तक सड़कों के गड्ढा मुक्त होने की थी। लेकिन 80 फीसदी सड़कें अभी भी चलने लायक नहीं हैं। हर्रैया विधान सभा क्षेत्र में विक्रम जोत, परशुरामपुर को टाउन एरिया बनाने तथा गौर ,परशुरामपुर व विक्रमजोत को जोड़कर तहसील बनाने के वादे पर अभी अमल होना बाकी है। पौराणिक मनवर नदी के सफाई के लिए कोई पहल नही हुई है।

जनता बोली
महादेवा विधानसभा क्षेत्र के राजेंद्र प्रसाद शुक्ल कहते हैं कि कम गड्ढे वाली सड़क को गड्ढा मुक्त किया गया। जिन्हें गड्ढा मुक्त करना जरूरी है वहां विभाग टेंडर जारी करने के बावजूद अनदेखी कर रहा है।
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कंप्यूटर व्यवसायी हरिओम कहते हैं कि पूरी रात बिजली कटौती से लोग त्रस्त हैं। रात में अनिद्रा बेचैनी के कारण दिन में नींद आने से रोजमर्रा का कार्य प्रभावित होता है। लोग बीमार भी पड़ जाते हैं।

किशन लाल चौधरी कहते हैं कि पिछले वर्ष पिपरपाती के पास बीडी बांध पर घाघरा की धारा ठोकरों को काटती रही। अफसर वही हैं किंतु बंधे के बचाव कार्य में कोई प्रगति नहीं दिखाई दे रही है।

किसान ताज मोहम्मद कहते हैं कि कई वर्षों तक सरयू नहर की सफाई नहीं हो सकी। नहर में पानी नहीं आ रहा है। नहर के अभाव में खेती के आमदनी का एक बड़ा भाग सिंचाई के रूप में देना पड़ रहा है।

हर्रैया के कारोबारी अतुल श्रीवास्तव कहते हैं कि किसी भी सरकार के लिए इतने कम दिनों में सही आकलन नहीं हो सकता। मगर सरकार की नियत व कार्य शैली जरूर आंकी जा सकती है। भ्रष्टाचार, शिक्षा, कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य, सड़क, बाढ़ नियंत्रण सहित कई जटिल मुद्दों पर जनता की अपेक्षाओ पर कार्य होना बाकी है।

जीवपुर दुबौलिया के अनिल सिंह ने कहा कि भाजपा शासन में किसान से आम जनमानस सब परेशान है। भ्रष्टाचार बढ़ गया है। कार्य कराने में कागज कोरम पूरा करने में समय बर्बाद हो रहा है। प्रदेश सरकार केवल घोषणाएं कर रही है। धरातल में कार्य दिखाई नहीं दे रहा है।

किसान सांडपुर निवासी पप्पू सिंह ने कहा कि सौ दिन का कार्य दिखाई दे रहा है। किसान को खाद, बीज गोदामों से मिल रहे है। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है। अधिकारी गांव के कार्यों में रुचि ले रहे है। पहले जैसा नहीं है। अभी और सुधार दिखाई देगा।

निजी कार्य करने वाले आलोक श्रीवास्तव ने कहा कि योगी सरकार में सब कुछ भाषण तक ही सिमट कर रह गया। कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार सहित सभी मामलों में सरकार जनता को बरगलाती रही है। इस सरकार से कोई भी वर्ग संतुष्ट नहीं है। विकास हो या फिर किसानों की ऋण माफी सबके सामने है।

तीन महीने में बहुत कुछ मिला: रवि
महादेवा विधायक रवि सोनकर कहते हैं कि कलवारी में नई तहसील के निर्माण की कवायद शुरू हुई। बाजारों में बारात घर के लिए 68 लाख रुपये मिले। कलवारी में नए विद्युत सब स्टेशन के लिए जमीन के अलावा बाढ़ व बंधे के बचाव के लिए सर्वाधिक 32 करोड़ स्वीकृत हुआ। क्षेत्र की 70 प्रतिशत सड़कें गड्ढा मुक्त हुईं।
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