डेढ़ महीने के भीतर बुधवार रात तीसरी बार आई आंधी-पानी ने एक बार फिर कहर बरपाया है। तेज हवा की वजह से सैकड़ों की संख्या में जहां पोल टूट गए वहीं कई ट्रांसफॉर्मर पेड़ गिरने की बजह से से क्षतिग्रस्त हो गए। आंधी के बाद से जिले के करीब एक हजार गांवों की बिजली गुल हो गई है।
बभनान प्रतिनिधि के मुताबिक गौर क्षेत्र के पावर हाउस हरदी, बेलहिया, बभनान से जुड़े लगभग 840 गांवों में व्यवस्था प्रभावित हुई है। उमस भरी गर्मी से लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। गौर बाजार के व्यापारी रामकिशोर कसौधन, बभनान के राकेश कुमार, हलुआ के शेषराम चौधरी बताते हैं आठ मई की आंधी के बाद से ही व्यवस्था ढर्रे पर नहीं आई। बिजली की बेतहाशा कटौती चल रही थी अब पोल टूटने से और चौपट हो गई है। एसडीओ मनोज कुमार यादव का कहना है कि आंधी के चलते एलटी लाइन में कुछ दिक्कतें आ गई है। जहां कर्मचारी लगाए गए हैं। जल्द बिजली व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद है।
रुधौली प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र में बुधवार रात 11 बजे से सप्लाई बाधित है। रात तो किसी प्रकार बीत गई लेकिन सुबह से तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हो गए । बृहस्पतिवार शाम तक कई क्षेत्रों में बिजली बहाल नहीं हो पाई। इस संबंध में उपकेंद्र के जेई लालबहादुर यादव का कहना है कि कुछ दिनों पहले लगे 10 एमवीए ट्रांसफॉर्मर में खराबी के कारण उपकेंद्र की सप्लाई बाधित हो गई है। इसे ठीक करने के लिए बस्ती से टीम लगी है। जल्द ही सप्लाई चालू होने की संभावना है।
कप्तानगंज पावर हाउस से निकले 440 वोल्ट के तार आंधी में टूट गए। कस्बे में रात से ही बिजली नहीं है। तार जोड़ने का कार्य चल रहा है। इसी तरह महसो क्षेत्र में निपानिया, हलुवपार, चगेरवा यादव पुरवा, अलगा, भुवनी, ठड़वा चिलवानिया, पकरदार, मुड़कट्टी, साहूपार आदि दर्जनों गांवों की आपूर्ति प्रभावित है। अंबुज, रंकज, राजकुमार, शिवराम, विष्नु, विधाता, अनमोल आदि ने बताया कि रात में अंधी और पानी आने से तीन जगह पोल टूटे हैं। कई जगहों पर तार पर पेड़ गिरने से सप्लाई बाधित है। अवर अभियंता ने बताया कि तीन पोल टूटे हैं। जल्द से जल्द ठीक कराकर सप्लाई शुरू करा दी जाएगी।
मुंडेरवा उपकेंद्र से जुड़े छह फीडर से आपूर्ति पिछली आंधी से ही प्रभावित है। बुधवार रात की आंधी से हालात और बदतर हो गए हैं। सुबह नौ बजे तक कई क्षेत्रों में आपूर्ति नहीं थी। क्षेत्र के महेंद्र चौधरी, सुनील जायसवाल, पवन चौधरी, गोरख शुक्ल, सभाजीत भट्ट, विनोद आदि का कहना है कि बिजली बाधित होने से दुकानदारी प्रभावित हो रही है। उपकेंद्र के जेई डीपी सिंह ने बताया कि बस्ती से ही सप्लाई नहीं मिल पा रही है और आंधी से कुछ जगह पोल और तार टूट गए हैं जिससे सप्लाई बाधित हुई है।
कई जगहों पर टिनशेड और छप्पर उड़े
कलवारी प्रतिनिधि के मुताबिक अतरपलिया निवासी दिव्यांग छोटेलाल चौधरी रोजी-रोटी के लिए कौलेश्वर धाम मंदिर के पोखरे के सामने गुमटी में पान की दुकान चलाते हैं उनकी तथा कलवारी के घपालू की भी गुमटी आंधी में उड़ कर पोखरे में चली गई। विक्रमजोत प्रतिनिधि के मुताबिक पूरे तहसील क्षेत्र में करीब एक दर्जन लोगों की झोपड़ी उजड़ गई। केशवपुर के राम अवतार व सीताराम के छप्पर में इस दौरान आग लग गई। धर्मपाल भारती व रामरती के भूसे का मंडिला उड़कर 100 मीटर दूर राम अजोर के दरवाजे पर गिरा। इस तरह अकला, सोनबरसा, मलौली, छतौना, गौरियानयन, राजारामपुर, पावंड, दुभरानिर्वहन, सडबंगा सहित कई गांवों में छप्पर व टिनशेड गिरे हैं। पेड़ गिरने व बिजली पोल उखड़ने से लोगों की दिक्कत बढ़ गई हैं। विक्रमजोत के भदोई में मिथलेश, खतमसराय में कालीप्रसाद, राम रतन, विकास का टिनशेड उड़ गया। टिकारिया में इंद्राज सिंह व योगेंद्र सिंह के आम का पेड़ तार पर गिरने पूरे गांव की आपूर्ति ठप हो गई है। जेई राजेंद्र राम ने बताया कि कई गांवों में पेड़ गिरने से फाल्ट बढ़े हैं। दो से तीन दिन में व्यवस्था ठीक कर ली जाएगी।
बिजली व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम
रुधौली अघोषित कटौती और लो वोल्टेज से उपभोक्ताओं का गुस्सा बढ़ रहा है। तहसील मुख्यालय पर लोगों ने प्रदर्शन के साथ नारेबाजी की। एसडीएम को ज्ञापन देकर व्यवस्था ठीक कराने का अल्टीमेटम दिया। कहा कि तहसील दिवस में धरने पर बैठेंगे। पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि रवि मोदनवाल के नेतृत्व में भारी संख्या में तहसील पहुंचे लोगों से तहसीलदार रमेश कुमार ने ज्ञापन लेना चाहा तो जेई को बुलाने की जिद पर अड़ गए। बाद में आए जेई लालबहादुर यादव ने सफाई दी कि मांग के सापेक्ष कम आपूर्ति से समस्या आ रही है। अवैध कनेक्शन भी परेशानी पैदा कर रहा है। आश्वासन के बाद लोगों ने मंगलवार तक का समय दिया है।