धर्मध्वजा लेकर 84 कोसी परिक्रमा का नेतृत्व कर रहे महंत गयादास।
सिकंदरपुर/छावनी(बस्ती)। मखौड़ा धाम से शुक्रवार को वैशाख शुक्ल पक्ष प्रतिपदा पर धर्मध्वजा फहराकर 84 कोसी परिक्रमा शुरू हुई। वैदिक मंत्रों के साथ जय श्रीराम के उद्घोष से मखौड़ा गुंजायमान हो गया। महंत गयादास के नेतृत्व में श्रद्धालु मखौड़ा धाम से परिक्रमा के प्रथम पड़ाव स्थल छावनी के रामरेखा मंदिर के लिए रवाना हुए। महंत ने बताया कि परिक्रमा में तीन टोलियों में करीब 4,000 श्रद्धालु हिस्सा ले रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि 84 कोसी परिक्रमा का पौराणिक महत्व है। मान्यता है कि इस परिक्रमा को पूरा करने वाले को 84 लाख योनियों में भटकने से मुक्ति मिलती है। मोक्ष की प्राप्ति के लिए हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं।
महंत गयादास ने बताया कि चैत्र पूर्णिमा पर मखौड़ा धाम में स्नान कर लिट्टी-चोखा का प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस दिन मंदिर परिसर में मेला भी लगता है। परिक्रमा 21 दिन तक चलती है। यह बस्ती सहित अंबेडकरनगर, बाराबंकी, गोंडा और अयोध्या जिले से होकर गुजरती है। श्रद्धालु 29 अप्रैल को दोबारा मखौड़ा पहुंचेंगे। इसी दिन यहां पूजन-अर्चन के बाद भंडारे का आयोजन होगा। इसके बाद 30 अप्रैल को श्रद्धालु अयोध्या में भंडारा करेंगे। परिक्रमा में हिस्सा ले रहे सभी श्रद्धालुओं को परिचयपत्र जारी किया गया है।
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सुबह 10 बजे श्रद्धालु पहुंचे प्रथम पड़ाव स्थल
छावनी। 84 कोसी परिक्रमा के प्रथम पड़ाव स्थल रामरेखा मंदिर पर शुक्रवार को सुबह 10 बजे से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। श्रद्धालु यहां रात्रि विश्राम के बाद शनिवार भोर में दूसरे पड़ाव स्थल हनुमान बाग चकोही के लिए रवाना होंगे। रामरेखा मंदिर के पुजारी बाबा दयाशंकर दास ने बताया कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन का प्रबंध किया गया है।