गेहूं भंडारण को निजी गोदामों के अधिग्रहण की तैयारी
72 हजार क्विंटल गेहूं डंप, भंडारण पर प्रशासन सख्त
भंडारण में शीघ्र पहुंच जाएगा केंद्रों पर डंप गेहूं
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। ताबड़तोड़ खरीद और एफसीआई पर धीमी गति से उतार के चलते जिले के विभिन्न केंद्रों पर करीब 72 हजार क्विंटल गेहूं डंप हो गया है। इन स्थितियों को संज्ञान में लेकर डीएम डॉ. राजशेखर ने एफसीआई की क्लास लगाई तो मामला भंडार में जगह को लेकर आ गया। इसे देखते हुए प्रशासन ने भंडारण पर काम शुरू कर दिया है। डीएम ने जिले के कई निजी भंडार गृहों के अधिग्रहण के निर्देश डिप्टी आरएमओ को दिए हैं। डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी उनकी सूची तैयार कर रहे हैं।
न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना में खरीद की रफ्तार तेज हो गई है। केंद्रों पर हर दिन हजारों क्विंटल गेहूं की तौल हो रही है, मगर एफसीआई गोदाम में इसके भंडारण के लिए उतार की गति धीमी होने तथा गेहूं को मानकविहीन बता कर रिजेक्ट करने के चलते केंद्रों पर 72 हजार क्विंटल गेहूं डंप हो गया है। इधर, मौसम को देखते हुए इस गेहूं का भंडारित होना बेहद जरूरी है क्योंकि जिले के खरीद केंद्रों पर गेहूं के भंडारण की कोई व्यवस्था नहीं है। समिति के भी भंडार गृह जर्जर हैं। ऐसे में यदि बारिश हुई तो हजारों क्विंटल गेहूं भीग जाएगा। सोमवार को इसकी भनक जैसे ही डीएम डॉ. राजशेखर को लगी। उन्होंने एफसीआई व खाद्य विभाग सहित सभी क्रय एजेंसियों के अधिकारियों की बैठक ली। खरीद की गति बढ़ाने के निर्देश दिए, मगर जब डिप्टी आरएमओ ने भंडारण की समस्या डीएम के संज्ञान में डाली तो उन्होंने एफसीआई को तत्काल व्यवस्था के निर्देश दिए, मगर एफसीआई ने क्षमता से अधिक भंडारण में हाथ खड़े कर दिए। डिप्टी आरएमओ ने डीएम को बताया कि जिले में वाल्टरगंज और बस्ती में कई ऐसे निजी गोदाम हैं, जहां भंडारण की व्यवस्था की जा सकती है। इसके बाद डीएम ने संबंधित गोदामों के मालिकों से बात किया, मगर सभी ने किसी ने किसी से अनुबंध की बात कह दी। इस पर डीएम ने डिप्टी आरएमओ को सूची बनाकर ऐेसे गोदामों का अधिग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। डिप्टी आरएमओ ने कहा कि डीएम के निर्देश पर सूची बनाई गई है, जिसमें वाल्टरगंज के भारत भाटिया के गोदाम के अलावा बस्ती व वाल्टरगंज शुगर मिल का भी भंडारगृह खाली है। इसके अलावा कई और निजी गोदाम के बारे में बताया गया है। डीएम के निर्देश पर इन गोदामों का अधिग्रहण करने की तैयारी चल रही है।