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जरूरत के हिसाब से नहीं मिल रहा पानी

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जरूरत के हिसाब से नहीं मिल रहा पानी
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शहर में हैं 17 हजार भवन, 10 हजार घरों को दिया गया है कनेक्शन

अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। शहर में मांग के मुताबिक पेयजल की उपलब्धता ही नहीं है। करीब सात हजार घर ऐसे हैं जहां जलकल की तरफ से पाइप लाइन के जरिए जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। संबंधित इलाकों में जल कर तो वसूल किया जा रहा है लेकिन करीब सात हजार घरों में न तो कनेक्शन है और न ही जल कर देने वाले जल कल के पानी का उपयोग ही कर पा रहे हैं। यह अलग बात है कि इन घरों तक कनेक्शन पहुंचाने के बाबत 25 किमी पाइप लाइन बिछाने के लिए भेजे गए प्रस्ताव पर मुहर लग गई है, मगर काम नहीं शुरू हो सका है।
शहरवासियों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जिम्मेदारी जलकल के हवाले है। शहर में करीब 10 हजार घरों में पानी के लिए कनेक्शन लिए गए हैं। इन घरों में रहने वाले लोगों के लिए पानी की कुल मांग 20.49 एमएलडी है, मगर उपलब्धता 19.22 एमएलडी ही है। मांग और पूर्ति में एक एमएलडी से अधिक का अंतर है। यह स्थिति तब है जबकि कई घरों में जलकल का कनेक्शन नहीं है। लोगों ने पानी के लिए अपने स्तर से व्यवस्था की है और तमाम लोग ऐसे हैं जिन्हें पानी के गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल की कमी की भरपाई के लिए अलग-अलग स्थानों में 21 ट्यूबवेल लगाए गए हैं। इनमें से चार ट्यूबवेल का प्रयोग नहीं किया जा रहा है, जबकि पानी स्टोरेज के लिए आठ टंकियां भी बनवाई गई हैं। अलग-अलग स्थानों पर बनाई गईं इन टंकियों से शहर के घरों तक जलापूर्ति की व्यवस्था की जाती है। शहर में कुल करीब सत्रह हजार मकान हैं, मगर पानी का कनेक्शन केवल दस हजार घरों तक पहुंच पाया है।
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जलकल के अभियंता योगेंद्र तिवारी का कहना है कि शहर के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की कार्ययोजना बनाई जा चुकी है। जितनी मांग है, उसके अनुरूप प्रतिदिन करीब दो मिलियन लीटर पानी की कमी है। इस कमी की भरपाई की कोशिश तेज कर दी गई है। इस कमी की भरपाई के लिए सासन स्तर पर प्रस्ताव लंबित है। जिस पर औपचारिक सहमति मिली है। प्रस्ताव पर मुहर लगते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। शहर के सभी घरों तक पानी पहुंचे इसकी व्यवस्था नगर पालिका प्रशासन की तरफ से की जा रही है। इसके तहत पहले चरण में 25 किमी पाइप लाइन बिछाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा अमृत योजना में 50 किमी अतिरिक्त पाइप लाइन के अलावा पांच ट्यूबवेल व सात टंकियाें के निर्माण का प्रस्ताव विचाराधीन है।
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