गीता व कुरान की तरह ही भारतीय संविधान
संविधान दिवस पर संगोष्ठी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। भारतीय संविधान अनेक कठिन समय में भी खरा उतरा है। इसके मूलभूत तत्वों, संकल्पों को पूरा किया जाना अभी बाकी है। इस दिशा में साझा प्रयास की आवश्यकता है। यह कहना है वरिष्ठ अधिवक्ता ओम प्रकाश नाथ मिश्र का। वह सोमवार को संविधान दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में कमिश्नर्स कोर्ट बार एसो. व वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति की ओर से आयोजित संगोष्ठी में बोल रहे थे।
एसोसिएशन अध्यक्ष श्याम प्रकाश शर्मा ने कहा कि लिखित और विशाल भारतीय संविधान केवल विधि की पुस्तक मात्र नहीं है अपितु भारतीय जन मानस के लिये यह गीता कुरान की तरह है। इसी बड़े संकल्प को लेकर संविधान में देश के प्रमुख प्रतीक चिह्नों का चित्रण किया गया है। मो. वसीम अंसारी, पं. कमलापति पांडेय, सत्येन्द्रनाथ मतवाला, अजमत अली सिद्दीकी, आतिश सुल्तानपुरी, भद्रसेन सिंह बंधु, डॉ. राममूर्ति चौधरी, डॉ. राम दुलारे पाठक आदि ने संविधान के महत्व को रेखांकित किया। इस मौके पर हरीश दरवेश, डॉ. राम कृष्ण लाल जगमग, विनय कुमार श्रीवास्तव, दीनानाथ यादव, शव्वीर अहमद, भागवत प्रसाद श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे। वाल्टरगंज प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के अमरौली शुमाली स्थित रामनगर चौराहे से ब्लॉक मुख्यालय होते हुए बरदवा, पचमोहनी, पक्का कुआं, सोनहा, पड़री, द्वारिका चक चौराहा, लेदवा, सेखुइया, भिरिया तक रैली निकाली गई। इस मौके पर ब्लॉक मुख्यालय सल्टौआ एवं डॉ. अम्बेडकर बौद्ध विकास सोनहा में नुक्कड़ सभा का आयोजन कर लोगों को भारतीय संविधान के महत्व की जानकारी दी गई। इस मौके रामनयन पटेल, प्रबंधक नगेन्द्र पटेल, राकेश पटेल, नायब चौधरी, रामसेवक गौतम, राधेश्याम चौधरी, रामचन्द्र यादव, जमुना यादव, संजय चौधरी, प्रधान विकास यादव ने अपने विचार रखे।