तैैयारियों पर टांडा ग्रिड की आपूर्ति का झटका
गोरखपुर की लाइन दुरुस्त, गोंडा से भी ली जा रही है आपूर्ति
डायरेक्टर ऑपरेशन और वाराणसी की एक्सपर्ट टीम भी पहुंची
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर बिजली निगम की सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं। टांडा के 220 केवीए से मिलने वाली सप्लाई अब भी बाधित है। ऐसे में इस ग्रिड ने मंडल में पर्व की तैयारियां को झटका लगा है। आपूर्ति के सापेक्ष मात्र 60 प्रतिशत बिजली की उपलब्धता के चलते कटौती बरकरार है।
बिजली निगम की मंडलीय आपूर्ति को चार दिन पहले तब झटका लगा था जब टांडा से आने वाली 220 केवीए लाइन का जेब्रा कंडक्टर डैमेज हो गया। इसके चलते टांडा स्थित ग्रिड से मिलने वाली सप्लाई बंद हो गई और तार टूट कर नदी में गिर गया। इसे व्यवस्थित करने के लिए बिजली विभाग के आला अफसर टांडा के नौरहनी घाट की ओर दौड़ पड़े, यहां से एनडीआरएफ की टीम भी मय संसाधन नदी में उतर गई, मगर खासी मशक्कत के बाद तार निकाल पाने में सफलता नहीं मिल सकी। 24 घंटे का अथक प्रयास बेकार साबित हो गया। इसके बाद बिजली निगम के आला अफसरों ने इसे नए तरीके से बनाने का निर्णय लिया, मगर इसके लिए कई दिनों का समय चाहिए था। ऐसे में प्रयास चल ही रहा था कि दो सितंबर को गोरखपुर से मिलने वाली सप्लाई अचानक तार टूटने के चलते ठहर गई और आपूर्ति को झटका लगा। दो सितंबर की देर रात इसे ठीक कर लिया गया, मगर इस बीच गोंडा उपकेंद्र से मंडल में बिजली आपूर्ति दी गई।
जन्माष्टमी पर 700 एंपियर की मांग
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी में ऊर्जा की खपत को व्यवस्थित करने के लिए निगम ने पहले से ही गोंडा, गोरखपुर व टांडा से 700 एम्पियर की मांग कर रखी थी। टांडा के बाद गोरखपुर में लाइन में आई खराबी के बाद निगम के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। गनीमत रही कि रविवार देर शाम गोरखपुर की लाइन ठीक कर ली गई और गोंडा से आपूर्ति बरकरार रही। वरना मंडल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इस बार अंधेरे में ही होता।
डायरेक्टर ऑपरेशन भी पहुंचे
टांडा-बस्ती 220 केवीए लाइन में खराबी से मंडल में बिजली के लिए मचे हाहाकार से सरकार से लेकर शासन तक के कान खड़े हो गए हैं। सोमवार को विद्युत निगम के डायरेक्टर ऑपरेशन पीके माथुर ने भी यहां कैंप किया। वाराणसी की तकनीकी टीम मय संसाधन मैदान में उतर कर नौरहनी घाट पर काम शुरू कर दी। सोमवार को भी टीम दिन भर व्यवस्थागत तैयारियों में जुटी रही। नदी के पानी के तेज रफ्तार के बीच टीम तार ढूंढने में जुटी रही, मगर कोई सफलता हासिल नहीं हो सकी है। अफसरों की मानें तो यदि वाराणसी की टीम भी अपने कार्य में असफल रही तो व्यवस्था में बाधा आएगी और इस सप्ताह सप्लाई संकट में रहेगा।
मांग के सापेक्ष कम मिल रही आपूर्ति: चीफ इंजीनियर
मुख्य अभियंता ओपी यादव की मानें तो 220 केवीए लाइन की खराबी से मंडल की आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर गई है। गोंडा और गोरखपुर से आपूर्ति ली जा रही है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर 700 एंम्पियर की आपूर्ति की जरूरत है,मगर महज चार से पांच सौ एम्पियर की आपूर्ति हो पा रही है। कहा कि अत्याधुनिक संसाधनों से लैस वाराणसी की तकनीकी टीम से उम्मीद है, मगर टीम सफल नहीं हुई तो फिर व्यवस्था को पटरी में लाने में समय लग जाएगा।
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परेशान हो रहे कोहराएं फीडर के उपभोक्ता
कभी फीडर खराब तो कभी लोकल फाल्ट रहता
सही भी रहा तो 10 घंटे से अधिक आपूर्ति नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत। विद्युत उपकेंद्र विक्रमजोत व फूलडीह से जुड़े उपभोक्ताओं की बिजली समस्या झेलने की आदत सी बन गई है। कभी फीडर में खराबी तो कभी लोकल फाल्ट तो लाइन ब्रेक डाउन की वजह से 10 घंटे भी आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।
विद्युत उपकेंद्र विक्रमजोत से पांच फीडर संचालित होते हैं। इससे करीब 3500 उपभोक्ता जुड़े हैं। यहां के उपभोक्ताओं का आरोप स्थानीय कर्मचारियों पर है। कार्य में लापरवाही के चलते कोहराए फीडर पर आपूर्ति बाधित रहती है। इसके चलते आपूर्ति कभी भी निर्धारित रोस्टर के हिसाब से नहीं मिल पाती है। पिछले तीन दिनों से विद्युत आपूर्ति कुछ तकनीकी खामियों के चलते दो से तीन घंटे की हो गई है। कोहराएं फीडर से कोहराएं के अलावा नेदुला, हलवइया चक, कुंवरापुर, टेढ़ाघाट, लालपुर, मुकुन्दपुर, रानीपुर, तक्कीपुर सहित 40 गांवों उपभोक्ता भारी उमस व बारिश के मौसम में अंधेरे का सामना कर रहे हैं। कोहराएं के उपभोक्ता बलराम वर्मा, प्रिंस, राकेश कुमार, राज कुमार, राजेश कुमार, संतराम, राम सहाय सहित तमाम लोगों का कहना है कि बिजली व्यवस्था चाहे जो हो लेकिन महीने भर लगातार यहां के लोगों को आपूर्ति नहीं मिल पाने का कारण सिर्फ कर्मचारी हैं। जिसके कारण घरों में विद्युत उपकरण सजावट के समान की तरह लग रहे हैं। मोबाइल आदि संचार के साधन भी जवाब दे रहे हैं। इस संबंध में विद्युत उपकेंद्र विक्रमजोत के अवर अभियंता सत्येंद्र प्रसाद का कहना है कि बिजली आपूर्ति निर्बाध का प्रयास किया जा रहा है। कुछ गड़बड़ी है। जल्द लाइन ठीक कर बहाल कर दी जाएगी। जहां फीडर खराब होने का मामला है तो विभाग को जानकारी दे दी गई है।