साढ़े पांच करोड़ डकार गए, सर्किट हाउस अधूरा
10 साल पहले नए सर्किट हाउस का निर्माण मंजूर
अक्टूबर तक का अल्टीमेटम, वरना लगेगा जुर्माना
राजकीय निर्माण निगम है निर्माण करने की एजेंसी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। बजट का 90 फीसदी रकम डकार जाने के बावजूद 10 साल पहले स्वीकृत ‘नए सर्किट हाउस’ का काम अभी पूरा नहीं हुआ। सोमवार को कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के अपर महाप्रबंधक, परियोजना निदेशक और अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी के साथ संयुक्त निरीक्षण करने पहुंचे तो हकीकत देखकर दंग रह गए।
ऐसे में डीएम में नवंबर 2018 तक के चार महीनों में किसी भी सूरत में अधूरे निर्माण पूरे करके भवन आदि संबंधित को हैंडओवर कर दें। इसमें मुख्य भवन, जिसमें छह सूइट, मीटिंग हॉल, दफ्तर और बाउंड्री वाल शामिल हैं। सख्त रुख अख्तियार करते हुए डीएम ने आगाह किया है कि यदि ऐसा नहीं कर पाए तो निर्माण एजेंसी राजकीय निर्माण निगम व उसके ठेकेदार पर जुर्माना लगाया जाएगा। बताया कि परियोजना की कुल लागत 5.6 करोड़ में निर्माण निगम 90% धन निर्माण निगम प्राप्त कर चुका है। एक संशोधित बजट आकलन डिमांड स्वीकृति के लिए लंबित है, जो लगभग 50 लाख या उससे अधिक है। इससे बाहरी एरिया विकसित किया जाना है। वर्ष 2008 में स्वीकृत कार्य 10 वर्षों में पूरा न होने को डीएम ने दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए बस्ती के लिए एक अच्छे सर्किट हाउस की तत्काल आवश्यकता है। क्योंकि वर्तमान में पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में केवल दो कमरे हैं, जो सरकारी उद्देश्य के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इस्तेमाल हो रहे ब्रांडेड आइटम की गुणवत्ता बरकरार रखने की हिदायत देते हुए डीएम ने अपर महाप्रबंधक राजकीय निर्माण निगम को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि टाइल्स, बाथरूम फिटिंग, फर्नीचर, दरवाजा और खिड़कियां, विद्युत फिटिंग में अच्छी गुणवत्ता के उपकरण लगाए जाएं। जिसे सितंबर महीने में अपडेट कराने के लिए कहा। साथ ही 10 हजार वर्ग फिट एरिया के लिए अच्छी गुणवत्ता वाला ‘रूड वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम’ लगाने के निर्देश दिए हैं। ताकि भूजल रिचार्ज सिस्टम की समस्या समाप्त की जा सके। उन्होंने अक्टूबर 2018 तक इसे पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।