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वीडी बांध का आठ नंबर ठोकर2 0 मीटर बहा

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सरयू लाल निशान पार
सरयू का जलस्तर 93.300 मीटर पर पहुंचा, खतरे का निशान है 92.730 मीटर
अमर उजाला ब्यूरो
छावनी/दुबौलिया। ब्लॉक क्षेत्र में निर्माणाधीन विक्रमजोत-लोलपुर बांध से सटकर सरयू नदी बहने लगी है। शनिवार शाम जलस्तर भी बढ़कर 93.300 पर पहुंच गया जबकि खतरे का निशान 92.730 मीटर है।
छावनी प्रतिनिधि के मुताबिक वीडी बांध (विक्रमजोत-धुसवा) पर बना ठोकर नंबर आठ का लगभग बीस मीटर भाग कट कर सरयू नदी में समा गया। इससे अतिसंवेदनशील ठोकर नंबर 10 पर नदी का दबाव बढ़ गया है। इससे बांध के निकटवर्ती गांवों के लोग दहशत में हैं। एसडीएम शिवप्रताप शुक्ल, अधिशासी अभियंता डीके त्रिपाठी एसओ एके शाही, जिला पंचायत सदस्य महेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। बोल्डर नहीं होने से कटे भाग को ईंट के टुकड़ों से भरा जा रहा है।
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ठोकर नंबर 10 की हालत आठ जैसी हुई तो बलुआ गांव पर संकट खड़ा हो जाएगा। माझिलगांव, अकला, बलुआ, दुधौरा, पौकोलिया, पूरेतिलक, बिठलापुर आदि गांवों के लोगों की नींद उड़ गई है। डीके त्रिपाठी ने बताया कि अभी सब कुछ नियंत्रण में है। दोनों स्थानों पर दिन-रात काम चलेगा। दुबौलिया प्रतिनिधि के मुताबिक जिले के अतिसंवेदनशील तटबंध में शामिल कटरिया-चांदपुर की भी हालत गंभीर है। तटबंध के किनारे बना बेस डूबने लगा है जिसका असर सीधा तटबंध पर दिख रहा है। खलवा गांव के पास तो नदी सीधे बंधे से ही टकरा कर बह रही है। बढे़ जलस्तर से ठोकरों के पूर्व बैकरोल से स्थिति गंभीर होने पर बोरियों का बेस नाकाफी साबित हो रहा है। गौरा, सैफाबाद तटबंध पर भी पानी के दबाव के चलते पारा गांव के पास बने ठोकर में दरार पड़ गई है। दिलासपुर गांव में कृषि योग्य भूमि को नदी लगातार तेजी से कटान कर रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ रही है। इस संबंध में एसडीओ जितेंद्र कुमार का कहना है कि कटरिया के पास बने ठोकर नंबर एक से नदी तीन धाराओं में बंट गई है। इससे तटबंध पर दबाव कम हो गया है। इस बीच अधीक्षण अभियन्ता बाढ़ खंड आनन्द कुमार व लवकुश सिंह आजमगढ़ ने शनिवार शाम करीब पांच बजे एसडीओ जितेन्द्र कुमार के साथ कटरिया-चांदपुर तटबंध का निरीक्षण किया। कहा कि तटबंध मरम्मत कार्य में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए।
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बढ़ा जलस्तर तो गांवों में जाएगा पानी
विक्रमजोत। जलस्तर बढ़ने से मात्र दो किलोमीटर निर्मित बांध के सभी ठोकरों पर दबाव अचानक बढ़ गया है। पिछली बाढ़ के दौरान 11 ठोकर में सात ठोकर धारा में बह गए जो बांध को सुरक्षित रखने लायक ही नहीं बचे हैं। बांध के पश्चिमी हिस्से में दो नए ठोकर बने जहां नदी की धारा अयोध्या से सीधे आकर टकरा रही है। उसमें भी आंशिक कटान शुरू हो गई है। ठोकर एक का नोज दो फिट नदी में धंस गया। बाढ़ खंड के दो अभियंता दयाशंकर सिंह और मकलूराम मौके पर निगरानी कर रहे हैं। नदी के समीप के गांव केशवपुर, बाघानाला, भरथापुर, कल्यानपुर, चांदपुर, सहजौरा के ग्रामीणों में दहशत है। हाईवे के लिए बढ़ रहे खतरे से प्रशासन अनजान बना है। केशवपुर के शैलेंद्र कुमार, रामायन, अरुण, पप्पू समेत ग्रामीणों का कहना है प्रशासन को गांव की कोई फिक्र नहीं है। नदी बाघानाला गांव से मात्र 40 मीटर दूर बह रही है। कल्यानपुर में करार के पास कटान कर रही है।
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