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बगैर मान्यता संचालित पांच विद्यालयों पर ताला

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बगैर मान्यता संचालित पांच विद्यालयों पर ताला
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बभनान के गोंडा जिले की सीमा में वर्षो से संचालित थे विद्यालय
अमर उजाला ब्यूरो
बभनान। कस्बे के गोंडा जिले की सीमा में चल रहे पांच विद्यालयों को बीईओ की टीम ने बंद करवा दिया। यह पांचों विद्यालय वर्षों से बगैर मान्यता के संचालित हो रहे थे।
बीईओ छपिया ओंकार नाथ वर्मा ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को बंद कराने के अभियान के तहत बभनान कस्बे के लर्निंग पब्लिक स्कूल, मोमेंटम पब्लिक स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर, दिशा पब्लिक स्कूल व सनराइज पब्लिक स्कूल में जांच के दौरान मान्यता के अभिलेख नहीं दिखा पाने के कारण ताला लगवा दिया गया है। यह सभी विद्यालय नर्सरी से लेकर इंटर तक बगैर किसी मान्यता के चल रहे थे। अभिभावकों का आह्वान किया कि वे अपने बच्चे का दाखिला सरकारी विद्यालयों में कराएं। क्योंकि इन विद्यालयों में प्रशिक्षित शिक्षक बच्चों को बेहतर व गुणवत्तायुक्त शिक्षा देते हैं। खंड शिक्षा अधिकारी ने शक्ति के साथ अवैध रूप से चल रहे संचालकों को नोटिस रिसीव करा दिया गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि जब तक मान्यता न मिल जाए तब तक स्कूल का संचालन बंद रखें।
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सिर्फ नोटिस तक गैर मान्यता विद्यालय पर कार्रवाई
रुधौली में 32 गैर मान्यता विद्यालयों को दी गई थी नोटिस
दो को छोड़कर शेष विद्यालय अब भी संचालित
अमर उजाला ब्यूरो
रुधौली। शिक्षा के माध्यम से अभिभावकों को लूटने की शिकायत पर शासन ने गैर मान्यता विद्यालयों पर शिकंजा कसा। पहले नोटिस फिर कार्रवाई व जुर्माना की व्यवस्था बनाई गई। यह तो हुई व्यवस्था की बात, मगर यहां कार्रवाई केवल नोटिस तक सीमित रह गई है।
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अप्रैल रुधौली क्षेत्र में संचालित हो रहे 32 गैर मान्यता के विद्यालयों को बंद करने की नोटिस थमा दी गई। विद्यालय बंद करने के लिए उन्हें मौका दें एक सप्ताह से दस दिन का समय दिया। इसके बाद जुर्माना सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जानी थी, लेकिन शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों ने इस अभियान को केवल नोटिस थमाने तक सीमित रखा। जिसका परिणाम है कि क्षेत्र में आज भी 28 गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित हो रहे हैं और यह विद्यालय अभिभावकों से न सिर्फ मनमानी फीस वसूल रहे हैं, बल्कि ड्रेस, किताब इत्यादि के नाम पर भी धनादोहन जारी है। खंड शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि नोटिस के बाद कुछ विद्यालय बंद हुए थे, लेकिन अभी 28 विद्यालय संचालित हो रहे हैं। विद्यालय बंद करने की कार्रवाई को लेकर डीएम स्तर से समिति गठित की जा रही है। उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार कार्रवाई होगी।
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