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13 गांवों के 28 हैंडपंप उगल रहे दूषित जल
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आधे घंटे बाद ही पीला पड़ जाता है नल का पानी
शिकायत के बाद भी जिम्मेदारों पर असर नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती/ महसो। इंसेफेलाइटिस के खिलाफ सरकार जंग ने छेड़ रखी है। दस्तक-2 अभियान भी शुरू हो गया है। गांव-गांव संगोष्ठी और परिचर्चा के अलावा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लेकिन महसो क्षेत्र के 13 गांवों के 28 नल दूषित जल उगल रहे। इसकी शिकायत को ठंडे बस्ते में जिम्मेदार डाल देते हैं।
चिलचिलाती धूप में राहगीरों को पेयजल का सबसे बड़ा साधन इंडिया मार्क टू हैंडपंप है। महसो क्षेत्र के गांवों में करीब 28 हैंडपंप खराब हैं। इनसे निकला पानी आधे घंटे बाद पीला हो जाता है। भवानीपुर में चार इंडिया मार्क टू हैंडपंप लगे हैं, जिनमें से तीन खराब हैं। एक नल दूषित पानी दे रहा है। पाकरडाड़ में दो, भुवनी में तीन हैंडपंप रिबोर कराए जाने हैं। जोगिया गांव में दो में एक नल दूषित पानी दे रहा है दूसरा खराब है। इसी तरह सुकरवाली में तीन, हलुवपार में दो, रेवली में एक नल है जिसमें अधिकतर खराब हैं या दूषित पानी उगल रहे हैं। वहीं, सुसिपार में दो, महसों में दो, ओरई में दो, नंदपुर में दो हैंडपंप खराब हैं। जिससे गांव के लोगों को भी शुद्ध जल के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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गांववालों ने बताई अपनी पीड़ा
पाकरडाड़ के बाबू लाल यादव ने बताया कि कई महीने से सरकारी हैंड पंप दूषित पानी दे रहा है। नल से पानी निकलने के आधे घंटे बाद ही पीला पड़ जाता है। पानी का स्वाद भी ठीक नहीं लगता। घनश्याम कहते हैं कि पाकरडाड़ चौराहे पर लगे इंडिया मार्क टू हैंडपंप से पहले हम लोग पानी लेते थे लेकिन जब से दूषित पानी देने लगा तब से खुद का नल लगावा लिया। सुरेंद्र यादव कहते हैं कि सरकारी नल जब खुद गंदा पानी दे रहा है तो खुद का नल किसी तरह लगवाना मजबूरी हो गई। अब उस नल से पानी नहीं ले जाते हैं। यही पीड़ा स्थानीय विजय की भी है। कहते हैं कि प्रधान से लेकर ब्लॉक कार्यालय तक इसकी जानकारी दी गई। शिकायतों पर काम कहां होता है। परेशान होकर लोगों ने खुद के लिए व्यवस्था बना लिया।
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प्रस्ताव गया है, धन आने पर काम: प्रधान
ग्राम प्रधान सूसीपार राजेश कुमार ने बताया कि सरकारी हैंडपंप की मरम्मत व रिबोर का प्रस्ताव भेज दिया है। धन आते ही कार्य शुरू हो जाएगा। नंदपुर के ग्राम प्रधान गिरजेश भारती ने बताया कि हमारे यहां सरकारी हैंडपंप जो खराब थे, उसे सही कराया जा रहा है। भुवनी के ग्राम प्रधान के पति भुवनी तहउवर हुसैन ने बताया कि हैंडपंपों की मरम्मत का प्रस्ताव बहुत पहले भेज दिया था पर बजट के अभाव में सही नहीं कराया जा सका है। बजट मिलते ही सभी नलों की मरमम्त व रिबोर का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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