बस्ती। भारत संचार निगम की ब्राडबैंड सेवा की स्थिति दयनीय है। इसके चलते उपभोक्ता परेशान हैं। इसका कारण चाहे जो भी हो, मगर जिम्मेदारों के कानों तक अभी इसकी भनक नहीं है कि मंडल में ब्राडबैंड सेवा झटका खा रही है। ऐसे में निगम के सामान्य प्रबंधक ब्राडबैंड की जांच कराने की बात कह रहे हैं।
मंडल में ब्राडबैंड के करीब 2500 उपभोक्ता हैं। यह उपभोक्ता इस सेवा का प्रयोग व्यवसायिक उपयोग में करते हैं, मगर यहां तो आए दिन यह सेवा उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द पैदा कर रही है। शहर के गांधी नगर में स्थित एक प्रतिष्ठान का पूरा काम ब्राडबैंड पर ही संचालित होता है और वहां करीब-करीब हर दिन स्थिति खराब होती है। अक्सर ब्राडबैंड का नेटवर्क शाम होते ही दगा दे जाता है और घंटे भर बाद आता जरूर है, मगर उसकी गति बेहद धीमी हो जाती है। जिससे प्रतिष्ठान की पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है।
विभागीय जानकारों की मानें तो ब्राडबैंड सेवा की अंडरग्राउंड केबिल के क्षतिग्रस्त होने से यह समस्या आती है, मगर उसे युद्ध स्तर पर ठीक कर लिया जाता है। सूत्र तो यह भी बताते हैं कि पिछले चार माह में एक दर्जन बार विभिन्न स्थानों पर किन्हीं न किन्हीं कारणों से केबिल कट गई और घंटों सेवा बाधित रही। बाद में इसे दूसरे रुट पर डालकर सेवा बहाल कर दी गई।