बस्ती। बगैर डिग्री के बीमार लोगों का उपचार करने वाले पांच झोलाछाप को अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सीएल कन्नौजिया ने जांच के दौरान बृहस्पतिवार को पकड़ा। इन सभी के क्लिीनिक को भी सील कर दिया गया। गौर में थाने के बगल चल रहे अंकित पैथालॉजी सेंटर का संचालक एसीएमओ के आने की सूचना के बाद ताला लगाकर भाग निकला।
स्वास्थ्य सेवाओं में बगैर डिग्री व पंजीकरण के चल रहे सेंटरों की जांच करने के लिए बृहस्पतिवार को एसीएमओ ने कई स्थानों का निरीक्षण किया। सबसे पहले वे कप्तानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम कटरा में अवैैध ढंग से संचालित राम नरेश के क्लीनिक पर पहुंचे। केंद्र पर पहुंचने के बाद डा. कन्नौजिया ने झोलाछाप से खुद को घबराहट और सीने में दर्द की बात बताई। ब्लडप्रेशर जांच करने को कहा, मगर उसकी रीडिंग सही नहीं आई तो एसीएमओ ने अपना परिचय दिया।
कागजात मांगने पर वह कुछ भी उपलब्ध नहीं करा सका। यहां दुकान को सील कर टीम ग्राम अरदी में संचालित केशव राम, सुकरौली में राजेश कुमार, आमा चौराहे पर कथित मो. याकूब खान व कुरदा में रमेश चंद्र गुप्ता क्लीनिक की जांच की। इन सभी के पास न तो कोई डिग्री मिली और न तो इनका पंजीकरण कहीं होना पाया गया। एसीएमओ ने कहा कि जांच के दौरान पांच लोग बगैर डिग्री मरीजों का इलाज करते पाए गए, जबकि एक पैथालोजी सेंटर अवैध रूप से संचालित होते पाया गया। सभी को सील कर दिया गया है। इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।