492 गांव आवागमन की सुविधा से वंचित
बस्ती।
स्वतंत्रता के सात दशक बीत चुके हैं मगर आज भी तमाम क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की कमी आम जन झेल रहा है। अपने जिले में भी आवागमन की सुविधा को लेकर यह तथ्य प्रकाश में आया है कि यहां आज भी 492 गांव ऐसे हैं, जहां प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से आवागमन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यानी इन गांवों से सड़क की दूरी कम से कम दो किलोमीटर है। अब प्रदेश की योगी सरकार ने इस पर काम शुरू किया है। शासन ने प्रदेश भर के सभी जिलों और मंडलों से ऐसे गांवों की सूची मांगी है। सूची के लिए किए गए सर्वे में यह तथ्य सामने आया है कि उक्त गांव आवागमन की सुविधाओं से वंचित हैं।
जिले में कुल 3129 राजस्व गांव हैं। इनमें से 1055 गांव ऐसे हैं जो सीधे तौर पर आवागमन की सुविधा से जुड़े हैं। यानी ये गांव सड़क या उससे पांच सौ मीटर के दायरे में हैं। इसके अलावा 1592 ऐसे गांव हैं जो सड़क से डेढ़ किलोमीटर की दूरी तक में हैं। इन गांवों के लोग पैदल यात्रा कर सड़क तक पहुंच जाते हैं। यहां से आवागमन की सुविधाएं मिलती हैं। सर्वे के बाद यह तथ्य उजागर हुआ है, जिसमें यह भी सामने आया कि 492 गांव आवागमन की सुविधा से पूरी तरह वंचित हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो सर्वे के बाद इसका खुलासा होने के बाद विभाग ने मशक्कत कर यहां आवागमन की सुविधा पहुंचाने के लिए जो खाका खींचा है उसमें नौ स्थान चिह्नित किए गए हैं, जिससे उक्त गांवों तक आवागमन की सुविधा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पहुंच जाएगी।
शासन को आरटीओ ने जिन नौ गांवों की सूची भेजी है। उसमें मुरादीपुर से परशुरामपुर वाया श्रीपतपुर, बेलवरिया और शृंगीनारी में 23 किलोमीटर, मखौड़ा से हर्रैया वाया कोहराएं, केनौना, अमारी में 19 किलोमीटर, सोनूपार देवारिया वाया रामपुर में 13 किलोमीटर, पड़िया हनुमानगंज में 15 किलोमीटर, चमनगंज सुरुआर वाया हनुमानगंज में 11 किलोमीटर, हनुमागंज से पैड़ी 14 किलोमीटर, मुंडेरवा से लालगंज 15 किलोमीटर, सोनहा से शिवाघाट साढ़े दस किलोमीटर, ललहवा से ऊंजी में चार किलोमीटर सड़क के नाम शामिल हैं। इन गांवों में शासन के नोटिफिकेशन के बाद सड़क निर्माण से 492 गांवों तक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से आवागमन की सुविधा बहाल हो जाएगी। आरटीओ डॉ. आरके विश्वकर्मा ने कहा कि सर्वे में जो तथ्य आया है उसे शासन को भेज दिया गया है। सरकार की मंशा के अनुरूप गांवों तक आवागमन की सुविधा बहाल करने का निर्देश मिला था उसके लिए खाका तैयार कर लिया गया है।