बस्ती। जिले के 78 जर्जर परिषदीय विद्यालय भवनों की मरम्मत कराई जाएगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने करीब चार करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है। स्वीकृति और बजट जारी होने के बाद भवनों की मरम्मत का कार्य शुरू कराया जाएगा।
गत वर्ष बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले के जर्जर विद्यालय भवनों को चिह्नित कराया था। इसके बाद तकनीकी टीम ने भवनों का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपी थी। जांच में वृहद और आंशिक मरम्मत की आवश्यकता वाले विद्यालय भवनों को अलग-अलग सूचीबद्ध किया गया था।
इसी आधार पर विभाग ने इस वर्ष 78 भवनों के जीर्णोद्धार के लिए आगणन तैयार कराया है। करीब चार करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव शासन को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि धनराशि मिलते ही संबंधित विद्यालयों में मरम्मत कार्य कराया जाएगा।
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पिछले वर्ष 64 विद्यालयों की हुई थी मरम्मत
बीते वर्ष जिले में 64 जर्जर परिषदीय विद्यालय भवनों की मरम्मत कराई गई थी। इन कार्यों पर 3.72 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। जरूरत के अनुसार कहीं छत, कहीं दीवार और कहीं फर्श की मरम्मत कराई गई थी। सदर और कुदरहा विकासखंड में अपेक्षाकृत अधिक विद्यालयों में मरम्मत कार्य हुए थे।
इस वर्ष 372 विद्यालय चिह्नित
बेसिक शिक्षा विभाग ने मौजूदा वर्ष में जिले के 372 परिषदीय विद्यालय भवनों को जर्जर चिह्नित किया है। इन भवनों का तकनीकी टीम से सत्यापन कराया जाएगा। जांच के दौरान मरम्मत योग्य और ध्वस्तीकरण योग्य भवनों को अलग-अलग चिह्नित किया जाएगा।
कोट
गत वर्ष जर्जर घोषित किए गए विद्यालय भवनों के जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
-अनूप कुमार, बीएसए