GST रिटर्न के बावजूद पैनल्टी और लेटफीस
- फोटो : अमर उजाला
बस्ती। जीएसटी लागू होने को पांच माह से अधिक समय हो गया मगर अधिकतर कारोबारी इस व्यवस्था को पूरी तरह अपना नहीं पा रहे हैं। हर माह करोड़ों का व्यवसाय तो कर रहे हैं, मगर रिटर्न नहीं जमा कर रहे हैं।
वाणिज्य कर विभाग कमिश्नर ने हालात देखकर अफसरों पर शिकंजा कसा तो आनन-फानन में नोटिस जारी करना शुरू कर दिया। रिकार्ड के मुताबिक 1735 ऐसे कारोबारी हैं जो रिटर्न नहीं जमा कर रहे हैं। इनमें 1115 पुराने और 576 जीएसटी के बाद पंजीकरण कराने वाले व्यापारी शामिल हैं। इतना ही 24 ऐसे कारोबारी हैं, जो प्रांत से बाहर से माल मंगा रहे हैं और रिटर्न नहीं जमा कर रहे हैं। विभाग ने इन सभी को नोटिस भेजना शुरू कर दिया। इसके बाद विभाग उनके खाते से रिटर्न काटने की कार्रवाई करेगा।
विभागीय रिकार्ड के अनुसार वाणिज्यकर विभाग में कुल 8970 व्यापारियों का पंजीकरण है, इनमें लगभग छह ऐसे हैं जो जीएसटी लागू होने से पहले से कारोबार कर रहे हैं, 2970 ने जीएसटी लागू होने के बाद पंजीकरण कराया। नियमानुसार इन सभी को समय से रिटर्न जमा करना चाहिए। व्यपारियों की सुविधा के लिए विभाग ने आन लाइन रिटर्न जमा करने की व्यवस्था बनाई है। समय से रिटर्न न जमा करने पर जुर्माने का भी प्राविधान है। वाणिज्यकर सहायक आयुक्त आलोक कुमार तिवारी ने बताया कि 31 दिसंबर 2017 तक हर हाल में सभी करोबारियों को रिटर्न जमा करना है। इसके लिए सर्वे कराया जा रहा है और नोटिस भी ईमेल और उनके मोबाइल पर भेजी जा रही है। कहा कि कर की वसूली के लिए व्यापारियों के खातों को भी अटैच किया जाएगा। इस तरह का आदेश मिल चुका है।