मुंडेरवा मिल के संचालन में गन्ने की कमी बनी बाधा
गेट पर आने वाले गन्ने को किया जा रहा डंप: महाप्रबंधक
अमर उजाला ब्यूरो
मुंडेरवा। नव निर्मित शुगर मिल के ट्रायल और 15 अप्रैल से डोंगा पूजन के बाद पेराई शुरू कर दी गई। पचास हजार क्विंटल प्रतिदिन की क्षमता वाले इस मिल में गन्ने के अभाव में पेराई नहीं हो पा रही है। पेराई के लिए गन्ने को मिल प्रबंधन फिलहाल डंप करा रहा है, ताकि मिल ठीक ढंग से संचालित हो सके।
महाप्रबंधक बृजेंद्र द्विवेदी ने बताया कि 15 अप्रैल को पहले दिन मात्र 466.30 क्विंटल गन्ने की पेराई हो सकी। इसके बाद मिल का पहिया थम गया। 16 अप्रैल को 2,476.39 क्विंटल गन्ना मिला। जिसे डंप कर 17 अप्रैल को हुई 6,959 क्विंटल की खरीद के बाद 17 अप्रैल को ही पेराई की गई। इसी तरह 18 अप्रैल को मिल गेट पर पहुंचे किसानों का गन्ना तौल कर डंप कर लिया गया। शुक्रवार को दिन में करीब 2.30 बजे से पेराई फिर शुरू की गई। महाप्रबंधक ने बताया कि अभी तक 15,000.26 क्विंटल गन्ने की खरीद हो चुकी है, जिसकी पेराई कर दी गई। मगर पर्याप्त गन्ना न मिल पाने के कारण शुगर मिल को रोक-रोक कर चलाया जा रहा है। प्रोजेक्ट मैनेजर सुरेश सिंह चौहान ने बताया कि मिल की क्षमता के अनुसार गन्ना नहीं है, क्योंकि अप्रैल के आखिरी महीने में गन्ना की उपलब्धता कम हो जाती है।