30 वर्ष से नहीं बदले गए विद्युत पोल, तार
मार्च के अंत तक 28000 पोल लग जाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सरकार की ओर से बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए भारी-भरकम रकम खर्च की जा रही है। बावजूद इसके शहर में पुराने जर्जर पोल और लटकते तारों से आपूर्ति दी जा रही है। जो लोगों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। लेकिन महकमे की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
शहर में शास्त्री चौक से लेकर रोडवेज तक जर्जर पोल और लटकते तार दिख रहे हैं इससे भी अधिक खराब स्थिति वार्डों के अंदर है। इसके चलते लोगों को लोकल फॉल्ट से आएदिन दो-चार होना पड़ता है। जबकि विद्युत निगम की ओर से सौभाग्य योजना के तहत मार्च माह के अंत तक 28000 पोल लगा दिए जाने का दावा किया जा रहा है। विद्युत निगम की ओर से शहर में करीब तीस साल पहले ही पोल और तार लगे। तारों के बोझ से ये पोल इस कदर झुक गए हैं मानों कभी भी टूट कर गिर जाएंगे। तार ढीले होने के चलते हलकी हवा चलने पर भी टकरा जाते हैं, इनसे निकलने वाली चिंगारी किसी आतिशबाजी से कम नहीं लगती है। कभी-कभी तो ये तार टूट कर गिर भी जाते हैं। घंटों विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है।
तारों से करंट उतरने का खतरा
शहर में बिजली निगम की ओर से जो पोल लगे हैं अधिकतर लोहे के हैं और उनसे होकर तार गुजरे हुए हैं। इसके चलते करंट उतरने का खतरा बना रहता है। यही नहीं बरसात के मौसम में इन पोलों में करंट भी उतर जाते हैं। इसके चलते पशुओं की जान भी जा चुकी है। बिजली निगम की मानें तो बदलने की कवायद चल रही है।
जल्द ही मिलेगी समस्या से मुक्ति: अधीक्षण अभियंता
विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता मनीष अग्रवाल कहते हैं कि जल्द ही जिले को जर्जर पोल और लटकते तारों से मुक्ति मिलेगी। तारों की जगह अब प्लास्टिक कोटेड तार लगाए जा रहे हैं। इससे विद्युत चोरी के साथ ही अन्य समस्याएं भी दूर हो जाएंगी। कहते हैं कि सौभाग्य योजना के तहत 19000 पोल और 442 परिवर्तक स्थापित किए गए हैं। बताते हैं कि 80 किमी 11 केवी लाइन व 219 किमी एलटी लाइन का निर्माण कराया गया है। कहते हैं कि मार्च के अंत तक इस योजना के तहत 28000 पोल और 1152 परिवर्तक स्थापित कर दिए जाएंगे।
निर्देश के सात माह बाद भी लो वोल्टेज की मुसीबत
विधायक ने समाधान के लिए एक्सईएन को लिखा था पत्र
उमरिया के ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाए जाने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरपुर। विद्युत उपकेंद्र बहादुरपुर के उमरिया गांव में लो-वोल्टेज से लोग परेशान हैं। ग्रामीणों के तमाम प्रयास के बाद भी विद्युत निगम समस्या को दूर करने में रुचि नहीं दिखाई। उपभोक्ताओं ने क्षेत्रीय विधायक रवि सोनकर से निवेदन किया। मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक ने एक्सईएन को पत्र लिखकर तत्काल ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाने को कहा था।
ग्राम प्रधान उमरिया विनोद कुमार का कहना है कि गांव में लगे 25 केवी ट्रांसफॉर्मर से उमरिया व मरवटिया गांव को विद्युत आपूर्ति की जाती है। ट्रांसफॉर्मर से करीब 60 घरों का कनेक्शन है। पिछले वर्षों से यहां लो वोल्टेज की समस्या गंभीर हो गई है। कई बार ग्रामीणों ने अफसरों से मिलकर क्षमता बढ़ाए जाने की गुजारिश भी की लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते कोई सुधार नहीं हो सका। उमरिया गांव के विजय श्याम पाण्डेय ने बताया कि लो वोल्टेज के कारण काफी परेशानी हो रही है। वोल्टेज का हाल यह है कि उपकरण डिब्बे बन गए हैं तो मोबाइल तक चार्ज करना मुश्किल हो जाता है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी उपभोक्ताओं ने की लेकिन अधिशासी अभियंता ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि एस्टीमेट बनाया गया है। स्वीकृत होते ही समस्या का निदान कर दिया जाएगा। किन्तु छह माह बाद भी समस्या यथावत बनी हुई है। उमरिया के ही चन्दन कन्नौजिया कहते हैं कि अब तो बिजली विभाग विधायक के निर्देशों को भी नहीं मानता। क्षेत्रीय विधायक के पत्र लिखे जाने के सात माह बाद भी ट्रांसफॉर्मर नहीं बदला गया और समस्या जस की तस बनी हुई है। गांव के हरीश कुमार मिश्रा ने बताया कि समस्या पर विभाग के लोग ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। ये लोग सिर्फ बिजली बिल से ही मतलब रखते हैं। बिजली मिले या न मिले समय से बिल पहुंच जाता है।
लो वोल्टेज की समस्या बाबत अवर अभियंता अशोक चंद्र पाल कहते हैं कि मामला संज्ञान में नहीं था। कुछ दिन पहले ही हमें बहादुरपुर उपकेंद्र का प्रभार मिला है। जल्द ही समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।