ढाई करोड़ के कान्हा हाउस निर्माण पर उठ रहे सवाल
पशु का पैर पड़ते ही टूट गया वाटर चैंबर का ढक्कन
सरिया के स्थान पर मिली लोहे की पत्ती, नोटिस दिया
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सरकार की मंशा के अनुरूप पालिका परिषद के पीछे ढाई करोड़ का कान्हा हाउस बन कर तैयार हो गया। नगर पालिका को इसे हस्तांतरित भी किया जा चुका है, मगर इसके निर्माण में गुणवत्ता को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद इसकी छत टपकने लगी थी। अब एक और मामला सामने आया है। यहां बनाए गए अंडरग्राउंड वाटर चैंबर पर रखे ढक्कन की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि एक पशु का पैर पड़ते ही वह टूट गया। इसके भीतर जो सरिया मिला, वह लोहे की पत्ती है। हालांकि, इसके बाद पालिका प्रशासन ने संबंधित ठेकेदार को नोटिस दिया है।
गो संरक्षण केंद्र का 14 जनवरी को उद्घाटन के बाद यह संचालित किया जाने लगा। वर्तमान में यहां कुल 113 पशु हैं। इनके लिए उधार का भूसा व अन्य सामग्री मंगाई जा रही है। ढाई करोड़ की लागत से निर्मित गो संरक्षण केंद्र की स्थिति बेहद दयनीय है। इसकी छत पहली बरसात में ही टपकने लगी और जैसे-तैसे इसे व्यवस्थित कराया गया। अभी छत का मामला चल ही रहा था कि रविवार को एक पशु वाटर चैंबर में गिर गया। प्रभारी सहित अन्य कर्मी यहां पहुंचकर उसे निकाले। पता चला कि चैंबर के ऊपर चढ़ने से ढक्कन टूट गया और वह चैंबर के ऊपरी हिस्से में फंस गया था। चैंबर के ढक्कन में जो सरिया लगा था वह भी नजर आने लगा। बेहद पतला यह सरिया लोहे की पत्ती थी। इससे चैंबर का ढक्कन बनवा दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि हस्तांतरण के एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी यहां अधिकतर कमरे बंद हैं। इसमें पशु चिकित्सक का भी कमरा शामिल है। ऐसे में वे जब भी यहां आते हैं तो खड़े-खड़े पशुओं की जांच-पड़ताल कर लौट जाते हैं। इसकी चाभी प्रभारी के पास नहीं है। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष रूपम मिश्रा ने कहा कि कान्हा हाउस की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल का मामला संज्ञान में है। निर्माण विभाग से स्पष्टीकरण मांगा गया है। निर्माण विभाग ठेकेदार को नोटिस देगा। इस मामले में कार्रवाई होगी।