कच्ची शराब पर महिलाओं का हौसला भारी
माझा के पूरे ओरीराय में कच्ची शराब के धंधे को महिलाओं ने करा दिया बंद
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। इच्छा शक्ति हो तो कुछ भी संभव है। यह कुछ कर दिखाया पूरे ओरीराय गांव की प्रेेमा, मां शीतला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष रानी व दर्जन भर महिलाओं ने। माझा का यह गांव कच्ची शराब के लिए बदनाम था, मगर इन महिलाओं ने अपने हौसले और एकजुटता से इस धंधे को पूरी तरह बंद करा दिया। हालांकि इनके खिलाफ हर हथकंडा धंधेबाजों ने प्रयोग किया मगर उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। अब इन महिलाओं का खौफ धंधेबाजों पर इस कदर है कि वह गांव की ओर रुख भी नहीं करते।
माझा क्षेत्र का यह गांव डेढ़ वर्ष पहले कच्ची शराब के लिए जाना जाता था। कुटीर उद्योग का रूप ले चुके इस धंधे के चलते तमाम लोग शराब के आदी हो गए। शराब के कारण आर्थिक तंगी झेल रही गांव की उक्त महिलाओं ने एकजुट होकर स्वयंसेवी संगठन गठित किया। महिलाएं एकजुट होकर पशु चारा काटने के बहाने कच्ची शराब बनाने वाले स्थल पर जा धमकीं। इसके बाद महिलाओं ने शराब की भट्ठियां तो तोड़ीं हीं, इसे तैयार करने के लिए भारी मात्रा में एकत्र लहन भी नष्ट कर दिया। महिलाओं के उग्र तेवर देख कच्ची शराब के धंधेबाज वहां से फरार हो गए। इसके बाद धंधेबाज इन महिलाओं को धमकियां देने लगे, मगर महिलाओं का हौसला इस कदर बढ़ गया कि उन्होंने धमकियों की भी परवाह नहीं की। एक के बाद एक कच्ची शराब के ठिकानों पर इनकी दबिश ने धंधेबाजों की कमर तोड़ दी। इसके चलते धंधेबाजों ने यह स्थान ही छोड़ दिया। महिलाओं के इस हौसले की सरकार की तरफ से सराहानी की गई। जिले के प्रभारी मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने सरकार के इस पैगाम को लेकर वहां की महिलाओं को सम्मानित किया। कच्ची शराब के इस मुहिम में अब यहां की अंजू, पूनम, चमेली, मालता, मंजू, किसमता, संजू व बदामा सहित दर्जन भर महिलाएं जुड़ चुकी हैं। इनका कहना है कि प्रशासन व पुलिस सहयोग करे तो इस क्षेत्र के अन्य गांवों से भी कच्ची शराब के धंधेबाजों को भगा देंगी।