शहीद किसान मेला आज, डायवर्ट रहेगा बस्ती मार्ग
किसान नेताओं का जमावड़ा शुरू, प्रशासन ने पूरी की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
मुंडेरवा। बंद शुगर मिल परिसर में मंगलवार को शहीद किसान मेले का आयोजन किया गया है। इस आयोजन में देश भर के किसानों नेताओं का जमावड़ा होता है। सोमवार से ही किसान नेताओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। अब मिल के शुभारंभ की घोषणा सरकार कर चुकी है, बावजूद इसके मेला को देखते हुए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। मेला के दौरान बस्ती बस्ती-मुंडेरवा मार्ग डायवर्ट कर दिया गया है।
11 दिसम्बर 2002 को शुगर मिल चलाने, बकाया गन्ना मूल्य भुगतान और गन्ना मूल्य वृद्धि को लेकर भाकियू के सहयोग से किसानों ने वृहद आंदोलन किया था। आंदोलन के दौरान हुई गोली बारी में जगदीशपुर मंझरिया निवासी बद्री प्रसाद चौधरी, मेहड़ापुरवा के धर्म राज चौधरी और संतकबीरनगर जिले के चंगेरा-मंगेरा गांव के तिलक राज चौधरी शहीद हो गए। आंदोलन में शहीद हुए तीनों किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए पहली बार वर्ष 2003 में उक्त तिथि पर किसान मेला का आयोजन हुआ। इसी कड़ी में डेढ़ दशक बाद कल यानी 11 दिसंबर को यहां मेला आयोजन की योजना भाकियू ने बनाई है। इसमें पश्चिम उत्तर प्रदेश के अलावा विभिन्न प्रांतों के किसान व किसान नेता पहुंचेंगे। 24 घंटे पहले ही यह नेता कार्यक्रम स्थल पर जुटने लगे हैं। यूं तो हर बार इस मेले में किसान नेता मिल संचालन को लेकर खूब गरजते रहे हैं मगर इस बार स्थिति दूसरी है। भाजपा सरकार बनने के बाद मिल के चालू करने की घोषणा और फिर निर्माण शुरू हो जाने के बाद सरकार ने इसके संचालन की तिथि घोषित कर माहौल शांत कर दिया है मगर दिग्गज किसान नेताओं के जमावड़े को लेकर प्रशासन कोई भी जोखिम मोल नहीं लेना चाहता है। ऐसे में सोमवार से ही मेला स्थल से लगायत मुंडेरवा कस्बा पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। प्रशासनिक अमला भी यहां पूरी ताकत लगाए हुए है। एसओ मुंडेरवा कन्हई प्रसाद ने बताया कि मंगलवार को मुंडेरवा होकर चारपहिया वाहन नहीं गुजरेंगे। अहरा और गोदमवा तिराहे से इन वाहनों को परिवर्तित मार्ग से आगे भेजा जाएगा। बुधा, कांटे, महादेवा में पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं।