पौधों के रखरखाव की जांच को टॉस्क फोर्स
15 अगस्त को 29 विभागों ने लगाए 8,36,954 पौधे
सरकारी परिसर, खाली जमीन, मेड़ व बाग में पौधरोपण
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जिले में वृहद पौधरोपण अभियान में 103 फीसदी उपलब्धि हासिल करके अपनी पीठ थपथपा रहे विभागों की टेंशन बढ़ने वाली है। 15 अगस्त को एक दिन में ही सवा आठ लाख पौधे रोपित करने का कारनामा तो कर दिया मगर अब उसकी स्क्रुटनी होगी। आधिकारिक दावों के हिसाब से किसने कितने पौधे रोपित किए और उनका अनुरक्षण-रख रखाव कैसा है, इसकी जांच की जाएगी। जिले स्तर पर टॉस्क फोर्स गठित करके प्रशासन फीडबैक लेगा। डीएम के अनुसार उनके संरक्षण-संवर्धन और रखरखाव का प्रबंधन ग्राम पंचायत, वन विभाग पर पर्यवेक्षण व रखरखाव पर ध्यान रखने की जिम्मेदारी है।
पौधरोपण अभियान के परिणाम से गदगद डीएम डॉ. राजशेखर ने उन 29 विभागाध्यक्षों का बखान करते नहीं थक रहे। क्योंकि 15 अगस्त को एक साथ 08 लाख 36 हजार 954 (आठ लाख छत्तीस हजार नौ सौ पचास पौधे रोपे गए। डीएम को विभागवार डाटा दिया गया कि ब्लॉक, न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत स्तर पर कितने पौधे रोपित हुए। कहा गया है कि गांव, कस्बों अथवा शहर में स्थित सरकारी परिसरों व खाली-निष्प्रयोज्य भूमि पर यह पौधरोपण कराया गया है। इसमें फलदार, आयुर्वेदिक/चिकित्सीय महत्व के पौधों के अलावा नीम, पीपल जैसे वातावरण को शुद्ध करने और धूप से बचने के लिए शीतल छाया प्रदान करने वाले पौधे लगाए गए।
इन 28 विभागों का रहा योगदान
ग्राम्य विकास, पंचायती राज, आवास विकास, औद्योगिक विकास, राजस्व और रेलवे विभाग के जरिये 05 लाख 96 हजार 793 पौधे लगाए गए। कृषि, सिंचाई, लोक निर्माण, बेसिक शिक्षा, रेशम, उच्च शिक्षा जैसे विभाग ने बाकी लक्ष्य पूरा कर दिया। इसमें सहकारिता, माध्यमिक शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, उद्यान व वन विभाग के अलावा श्रम व पुलिस विभाग के बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने से माहौल बना।
भूमि संरक्षण रहा शून्य
भूमि संरक्षण विभाग की इसमें भागीदारी शून्य रही। साढ़े 14 हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य आवंटित था, जिसके सापेक्ष एक भी पौधे लगाने की सूचना नहीं है। डीएम के अनुसार इसे गंभीरता से लिया गया। जिसके लिए माकूल कार्रवाई की जाएगी।