बस्ती। हर्रैया तहसील के कई ब्लॉकों पर चार्ज के नाम पर भी खूब हेरा फेरी का खेल चल रहा है। कई दबंग सेक्रेटरी ऐसे हैं जो नये लोगों को चार्ज देने में पुराने और महत्वपूर्ण अभिलेखों को अपने पास दबाए हुए हैं। तमाम प्रयासों के बाद भी दबंग सेक्रेटरी चार्ज नही दे रहे है। जिसके चलते पिछले दो माह से विकास कार्य प्रभावित हो रहा है।
इस मामले में भी विभाग के अधिकारी बोलने को तैयार नही है। बता दे दो माह पहले प्रदेश सरकार के निर्देश पर कई वर्षों से एक ही ग्राम पंचायत में जमे सेक्रेटरियों के हल्के में फेरबदल किया गया था। दो माह बीत जाने के बाद भी अभी तक सेक्रेटरी पुरानी ग्राम पंचायत को छोड़कर जाने को तैयार नहीं हैं। मामला जब प्रशासन तक गया तो चार्ज देने का कोरम पूरा करने के लिए मनरेगा के कार्यों से संबधित अभिलेख दे दिए, मगर सबसे अधिक गड़बड़ी वाले ग्राम निधि प्रथम के धन से कराए गए अभिलेख देने में पसीने छूट रहे हैं। ग्राम निधि प्रथम, निर्मल भारत अभियान, राज्य वित्त और चौदहवां वित्त सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं का चेकबुक, पासबुक, कार्यपूर्ति रजिस्टर सहित कई अभिलेखों को नए सेक्रेटरी को नहीं दे रहे है। सूत्रों की माने तो दबंग सेक्रेटरी अपनी गर्दन बचाने और लाखों रुपये का गोलमाल छिपाने के लिए चार्ज में इन अभिलेखों को नहीं दे रहे है। नाम न छापने की शर्त पर एक सेक्रेटरी ने बताया की ग्राम निधि प्रथम खाते से सबसे अधिक सरकारी धन का गोलमाल किया गया है। इस प्रधान और सेकेट्रेरियों ने नीजि धन की तरह इस्तेमाल किया। तहसील के दुबौलिया और कप्तानगंज ब्लॉक में कुछ ऐसे सेक्रेटरी है जो कई सालों से ब्लॉक में अपना गहरा पैठ बना लिए है। क्षेत्र के अजय सिंह, विवेक पांडेय, राजेश कुमार का कहना है कि सरकारी योजनाओं में अधिक गोलमाल करने के कारण ब्लॉकों के सेक्रेटरी चार्ज में महत्वपूर्ण अभिलेख नही दे रहे है। पीडी डीआरडीए आरपी सिंह ने बताया कि चार्ज न देने वाले घ्रुवचंद्र चौधरी, अखिलेश शुक्ल और गोविंद माधव का वेतन रोक दिया गया है, इन सभी के विरुद्ध आरोप पत्र जारी करने की तैयारी की जा रही है।