छह साल में भी पूरा नहीं हुआ 657 मीटर लंबे नाले का निर्माण
बस्ती। शहर के सबसे लंबे 657 मीटर नाले का निर्माण छह साल में भी पूरा नहीं हो सका है। लिहाजा वीआईपी क्षेत्र के करीब तीस हजार नागरिकों को इस साल भी झमाझम बारिश में जलभराव का सामना करना पड़ सकता है। नाला निर्माण में जुटी कार्यदायी संस्था की लापरवाही कही जाए या नगर पालिका प्रशासन की अनदेखी, लिहाजा इस लंबे नाले के निर्माण को पूरा न होने से इस बरसात में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
निचली सतह पर बसे होने के कारण पूरा शहर हर साल जलभराव झेलता है। इस समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर पालिका प्रशासन ने जून 2016 में पुराना डाकखाना वार्ड से सेंट जेम्स चर्च होकर अमहट घाट तक 657 मीटर लंबे नाले के निर्माण के लिए एक करोड़ 51 लाख 37 हजार रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा था।
शासन ने नवंबर 2016 में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए नाला निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी निर्माण एजेंसी सीएंडडीएस को सौंप दिया था। इसे पूर्ण करने के लिए अक्तूबर 2017 का लक्ष्य दिया गया था। पहली किस्त के रूप में 2016 में 75 लाख 69 हजार रुपये आवंटित किए गए, लेकिन दूसरी किस्त न मिलने के कारण शासन स्तर पर इसे पूरा करने का लक्ष्य अक्तूबर 2020 तक बढ़ा दिया गया।
मार्च 2019 में दोबारा 60 लाख रुपये की दूसरी किस्त भी जारी कर दी गई। उधर, जब दोबारा मिला धन खर्च हो गया और निर्धारित समय सीमा भी समाप्त हो गई तो नगर पालिका प्रशासन ने जनवरी 2021 में शेष धनराशि 15 लाख 68 हजार रुपये की मांग की थी जिसका भुगतान अभी मार्च 2022 में मिला तो काम में तेजी आ गई और अब जाकर पूरी तरह से तैयार होने की स्थिति में आ पाया है, मगर अभी नालियों से लिंक न हो पाने के कारण यदि बरसात शुरू हो गई तो शहर की तीस हजार आबादी को जल भराव की समस्या से दो चार होना पड़ेगा।
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नाला निर्माण होने पर इन वार्डों को मिल जाती राहत
शहर के वीआईपी इलाके के लोग बरसात में जलभराव को खूब झेलते हैं। इसको लेकर नाला निर्माण की व्यवस्था बनाई गई। इस नाले से नालियों के लिंक होने के बाद पुराना डाकखाना, सिविल लाइन, कटरा व आवास विकास के नागरिकों को जलभराव से काफी हद तक निजात मिल जाएगी।
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पूरा हो चुका है नाला निर्माण : कार्यदायी संस्था के अभियंता
सीएंडडीएस निर्माण एजेंसी के अवर अभियंता जयप्रकाश यादव ने बताया कि नाला निर्माण पूरा हो चुका है। जल्द ही नगर पालिका को हैंडओवर कर दिया जाएगा। नगर पालिका प्रशासन इससे जुड़े अन्य नाले-नालियों का कनेक्शन करवाकर नाला चालू करवा देगा।
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बोले नगर पालिका परिषद के ईओ
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने कहा कि निर्माण पूरा हो चुका है, मगर अब तक उसे हस्तांतरित नहीं किया गया है। ऐसे में नालियों से कनेक्शन नहीं दिया जा सका है। जैसे ही कार्यदायी संस्था नाले को हस्तांतरित करेगी वैसे ही व्यवस्था को पटरी पर ला दिया जाएगा।